CM Yogi Announcement: गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से एक महत्वपूर्ण घोषणा कर प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी. संत गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि भदोही जिले को एक बार फिर उसके पुराने नाम संत रविदास नगर से जाना जाएगा. उन्होंने इसे केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि संत रविदास की विरासत और सामाजिक समरसता के सम्मान से जुड़ा निर्णय बताया.
भदोही को फिर मिलेगा संत रविदास नगर का नाम
वाराणसी में आयोजित समरसता संकल्प अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार जल्द ही आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर भदोही का नाम दोबारा संत रविदास नगर करेगी. उन्होंने कहा कि यह फैसला संत रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर उनकी स्मृतियों और योगदान को सम्मान देने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास केवल एक संत नहीं, बल्कि सामाजिक समानता, समरसता और मानवता के महान प्रतीक हैं. ऐसे में उनके नाम से जुड़ी पहचान को पुनर्स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता है.
समाजवादी पार्टी पर साधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और संत रविदास जैसी महान विभूतियों के सम्मान से जुड़े कई निर्णयों को बदलने का काम किया था. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उन फैसलों को सुधारने का कार्य कर रही है, जिन्हें वह ऐतिहासिक और सामाजिक दृष्टि से गलत मानती है. मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान से जुड़ा विषय बताया.
आंबेडकर और अहिल्याबाई के नाम पर भी गिनाए फैसले
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार द्वारा लिए गए अन्य फैसलों का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि कन्नौज मेडिकल कॉलेज का नाम फिर से बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के नाम पर किया गया. इसके अलावा औरैया मेडिकल कॉलेज का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखकर सरकार ने ऐतिहासिक विभूतियों को सम्मान देने का कार्य किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लगातार उन महापुरुषों की विरासत को सम्मान देने के लिए काम कर रही है, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी.
महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण का भी ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यक्रम के दौरान एक और महत्वपूर्ण घोषणा की. उन्होंने कहा कि प्रदेश में जहां भी संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाएं स्थापित हैं और वहां छतरी नहीं बनी है, वहां सरकार अपने खर्च पर छतरी का निर्माण कराएगी. उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों के सम्मान और प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और इसके लिए आवश्यक धनराशि भी उपलब्ध करा दी गई है.
पार्कों की सुरक्षा के लिए बनेगी बाउंड्री वॉल
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि जिन पार्कों का नाम संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि या बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के नाम पर रखा गया है और जहां अभी तक बाउंड्री वॉल नहीं बनी है, वहां सरकार अपने खर्च से सुरक्षा दीवार का निर्माण कराएगी. उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए बजट का प्रावधान किया जा चुका है और संबंधित विभागों को तेजी से काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि महापुरुषों से जुड़े स्थलों का संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सके.
ये भी पढ़ें- Sawan 2026: आज से शुरू हुआ शिवभक्ति का पावन महीना सावन, जानें जलाभिषेक का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि