येशू-येशू वाले पादरी बजिंदर सिंह को उम्रकैद की सजा, मोहाली कोर्ट ने रेप केस में सुनाया फैसला

चर्च से जुड़ी प्रभावशाली शख्सियत और स्वयंभू धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को रेप के गंभीर मामले में दोषी ठहराते हुए मोहाली की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

Yeshu-Yeshu pastor Bajinder Singh sentenced to life imprisonment Mohali court pronounced verdict in rape case
पादरी बजिंदर सिंह/Photo- ANI

मोहाली: चर्च से जुड़ी प्रभावशाली शख्सियत और स्वयंभू धर्मगुरु पादरी बजिंदर सिंह को रेप के गंभीर मामले में दोषी ठहराते हुए मोहाली की एक अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद अदालत परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.

न्यायिक प्रक्रिया और सजा का ऐलान

तीन दिन पहले अदालत ने बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया था, जिसके बाद उसे पटियाला जेल में रखा गया था. मामले में पीड़ित पक्ष के वकील ने बताया कि अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोषी को अंतिम सांस तक जेल में ही रहना होगा.

आरोपों की गंभीरता

पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने उसे विदेश में बसाने का लालच देकर अपने घर बुलाया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया. इतना ही नहीं, इस घिनौने कृत्य का वीडियो बनाकर उसे धमकाया कि अगर उसने इसका विरोध किया तो वीडियो को सार्वजनिक कर दिया जाएगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया और आरोपी को कठोर दंड देने का निर्णय लिया.

कोर्ट में रहम की गुहार

सजा सुनाए जाने के दौरान बजिंदर सिंह ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की. उसने तर्क दिया कि उसके छोटे बच्चे हैं, पत्नी बीमार है, और वह शारीरिक रूप से अक्षम है. लेकिन अदालत ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए किसी भी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती.

मामले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण बिंदु

झूठे बहाने से अपने घर बुलाया:

पीड़िता ने बताया कि वह विदेश में बसने की इच्छुक थी, जिसके चलते उसने बजिंदर सिंह से संपर्क किया. बजिंदर ने इस मौके का फायदा उठाकर उसे अपने घर बुलाया और अपराध को अंजाम दिया.

सीसीटीवी फुटेज से खुला राज:

पुलिस ने घटना से जुड़े साक्ष्यों को इकट्ठा करने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं. इन प्रमाणों के आधार पर अदालत में मजबूत केस प्रस्तुत किया गया.

अन्य आरोपी हुए बरी:

इस मामले में बजिंदर के अलावा पांच अन्य लोगों पर भी आरोप थे, लेकिन अदालत ने उन्हें सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. ट्रायल के दौरान एक आरोपी की मृत्यु भी हो चुकी थी.

पीड़ित पक्ष ने संतोष जताया

पीड़िता और उसके परिवार ने अदालत के इस फैसले पर संतोष जताया और कहा कि यह न्याय की जीत है. उन्होंने बताया कि इस केस को कमजोर करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की कोशिश की गई. यहां तक कि उन्हें पांच करोड़ रुपये की रिश्वत तक देने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने न्याय की लड़ाई जारी रखी.

अन्य मामलों में भी फंसा है बजिंदर सिंह

मारपीट का मामला:

बजिंदर सिंह का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह एक महिला को थप्पड़ मारता दिख रहा था. इस वीडियो के आधार पर उसके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया गया.

यौन उत्पीड़न का केस:

कपूरथला में एक महिला ने पादरी पर अनुचित तरीके से छूने और धमकी देने का आरोप लगाया. इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम गठित की गई है.

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