Donald Trump Warns Cuba: अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर तनाव तेज़ हो गया है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में हुए अमेरिकी ऑपरेशन के कुछ ही दिनों बाद क्यूबा को खुली और कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि अगर क्यूबा ने अमेरिका के साथ जल्द समझौता नहीं किया, तो उसे तेल और आर्थिक मदद की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी जाएगी.
ट्रंप ने यह चेतावनी अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर देते हुए लिखा, “अब क्यूबा को एक बूंद तेल या एक डॉलर भी नहीं मिलेगा. बहुत देर होने से पहले क्यूबा को समझौता कर लेना चाहिए.” इस बयान के बाद अमेरिका, क्यूबा और वेनेजुएला के बीच तनाव और गहरा गया है.
“…THERE WILL BE NO MORE OIL OR MONEY GOING TO CUBA - ZERO! I strongly suggest they make a deal, BEFORE IT IS TOO LATE. Thank you for your attention to this matter.”- President Donald J. Trump pic.twitter.com/bHEIysJ7q1
— The White House (@WhiteHouse) January 11, 2026
वेनेजुएला पर निर्भर रहा है क्यूबा: ट्रंप का दावा
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि क्यूबा कई वर्षों से वेनेजुएला से मिलने वाले तेल और पैसों पर निर्भर रहा है. उनके मुताबिक, यही वजह है कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था किसी तरह टिकी हुई है. ट्रंप का मानना है कि अगर इस सप्लाई को रोका गया, तो क्यूबा की सरकार ज्यादा समय तक टिक नहीं पाएगी.
यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने वेनेजुएला में अमेरिकी कार्रवाई की खुलकर आलोचना की है और इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है.
मार्को रुबियो को लेकर ट्रंप का विवादित बयान
इस पूरे घटनाक्रम के बीच ट्रंप ने एक और बयान देकर हलचल मचा दी. सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की गई थी, जिसमें लिखा था कि मार्को रुबियो क्यूबा के राष्ट्रपति बनेंगे. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने लिखा, “यह मुझे अच्छा लगता है.”
हालांकि ट्रंप प्रशासन की ओर से इस तरह की किसी नीति या योजना की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह ट्रंप का बढ़ा-चढ़ाकर दिया गया बयान है, जिसका मकसद दबाव की राजनीति करना हो सकता है.
हवाना में अमेरिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
अमेरिकी चेतावनी के जवाब में क्यूबा में विरोध तेज़ हो गया है. शनिवार को राजधानी हवाना स्थित अमेरिकी दूतावास के सामने हजारों लोग जमा हुए. इस दौरान राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनेल ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए.
डियाज कैनेल ने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला किया और वहां के राष्ट्रपति को पकड़ लिया. उन्होंने इस कार्रवाई को “स्टेट टेररिज्म” करार देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है. उनका आरोप था कि अमेरिका ने एक ऐसे देश पर हमला किया है, जिससे उसे कोई सीधा खतरा नहीं था.
क्यूबा–वेनेजुएला संबंध: तेल के बदले डॉक्टर
क्यूबा और वेनेजुएला के रिश्ते सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और मानवीय सहयोग पर भी आधारित हैं. मौजूदा समय में क्यूबा अपनी जरूरत के लगभग 30 प्रतिशत तेल की आपूर्ति वेनेजुएला से करता है. इसके बदले में क्यूबा हजारों डॉक्टर, नर्स और मेडिकल स्टाफ वेनेजुएला भेजता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर वेनेजुएला से तेल की सप्लाई बंद हो जाती है, तो क्यूबा में बिजली संकट और ज्यादा गहरा सकता है, क्योंकि देश की ऊर्जा व्यवस्था पहले से ही कमजोर स्थिति में है.
वेनेजुएला में क्यूबाई एजेंट्स और सैन्य नुकसान
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सुरक्षा में क्यूबा के एजेंट्स भी तैनात थे. अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान कथित तौर पर 32 क्यूबाई सैनिकों की मौत हुई, जिससे क्यूबा सरकार और ज्यादा आक्रोश में है.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि क्यूबा की सरकार अब “बड़ी मुसीबत” में है. वहीं ट्रंप का दावा है कि क्यूबा खुद ही गिर जाएगा और इसके लिए अमेरिका को किसी सैन्य कार्रवाई की जरूरत भी नहीं पड़ेगी.
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