Russia-Ukraine War: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर यूक्रेन को कड़ी चेतावनी दी है कि यदि वह शांति समझौते के लिए कोई कदम नहीं उठाता, तो रूस अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने के लिए ताकत का इस्तेमाल करेगा. पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने वाले हैं. इस बैठक में युद्ध को खत्म करने के संभावित रास्तों पर चर्चा की जाएगी, लेकिन पुतिन ने स्पष्ट रूप से संकेत दिया है कि रूस तब तक अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा जब तक यूक्रेन शांति समझौते के लिए तैयार नहीं होता.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यह बयान 2025 के अंत में दिया, जब हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए थे. पुतिन ने कहा, “यूक्रेन शांति की ओर कोई कदम नहीं बढ़ा रहा है, और ऐसे में रूस को अपने सभी लक्ष्य सैन्य तरीके से हासिल करने होंगे.” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रूस को अपनी रणनीति में कोई बदलाव नहीं करना है, और जब तक यूक्रेन खुद युद्ध समाप्त करने के लिए कदम नहीं उठाता, तब तक रूस अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करता रहेगा.
यूक्रेन का पलटवार: रूस चाहता है युद्ध जारी रखना
यूक्रेन की प्रतिक्रिया पुतिन के बयान पर तेज रही. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि रूस की तरफ से किया जा रहा हमला यह साबित करता है कि रूस युद्ध को खत्म नहीं करना चाहता. जेलेंस्की ने यह भी आरोप लगाया कि रूस ने अपनी सेना को यूक्रेन के डोनेत्स्क क्षेत्र में कई नए शहरों पर कब्जा करने का आदेश दिया है. इनमें मिर्नोहराद, रोडिन्स्के, और आर्टेमिव्का शहरों का उल्लेख किया गया है, साथ ही जापोरिज्जिया क्षेत्र के हुलियाइपोले और स्टेपनोहिर्स्क कस्बों पर भी नियंत्रण हासिल करने का दावा किया गया.
हालांकि, यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं ने इन दावों का खंडन किया. यूक्रेनी सेना ने कहा कि हुलियाइपोले और मिर्नोहराद जैसे इलाकों में संघर्ष जारी है, लेकिन वहां की स्थिति पर पूरी तरह से उनका नियंत्रण बना हुआ है. यूक्रेन की दक्षिणी कमान ने भी कहा कि हुलियाइपोले में तीव्र लड़ाई हो रही है, लेकिन शहर का बड़ा हिस्सा अभी भी यूक्रेन के नियंत्रण में है. यह साफ दिखाता है कि यूक्रेन अपनी धरती पर रूस के हमलों का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
यूक्रेन की शांति के लिए पहल: जेलेंस्की का प्रस्ताव
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस से शांति समझौते की उम्मीद जताई है, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि समझौता होना है तो यह दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी के साथ होना चाहिए. जेलेंस्की ने बताया कि अमेरिका ने उन्हें 15 साल की अवधि के लिए सुरक्षा गारंटी देने का प्रस्ताव दिया है, जिसे भविष्य में बढ़ाया या नवीनीकरण किया जा सकता है. हालांकि, जेलेंस्की ने इस प्रस्ताव पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह अवधि बहुत कम है. वे चाहते हैं कि यह समझौता लंबी अवधि के लिए हो, ताकि यूक्रेन की सुरक्षा बनी रहे और भविष्य में रूस की किसी भी प्रकार की सैन्य कार्रवाइयों से देश बचा रहे.
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि उन्होंने अमेरिका से लंबी अवधि के लिए सुरक्षा समझौते की मांग की है ताकि देश की सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके. उनका यह बयान इस ओर इशारा करता है कि यूक्रेन न सिर्फ रूस के खिलाफ बल्कि अपनी दीर्घकालिक रक्षा रणनीतियों को लेकर भी गंभीर है.
यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और रूस के साथ बातचीत की संभावना
जेलेंस्की ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी आगामी बैठक में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ, वह यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा समझौतों पर विचार करेंगे. यह बैठक फ्लोरिडा में होगी, जहां पर युद्ध के बाद के मार्ग और देश की स्थिति के सुधार पर चर्चा की जाएगी. हालांकि, जेलेंस्की ने यह माना कि इस स्तर पर यह कहना बहुत मुश्किल है कि कोई समझौता होगा या नहीं, लेकिन यदि ऐसा कोई मौका मिलता है तो यूक्रेन इसके लिए तैयार है.
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा कि वह रूस के साथ बातचीत करने की योजना बना रहे हैं. उनका कहना था, “यह बैठक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगी और हम दोनों देशों के बीच बातचीत को लेकर भविष्य की दिशा तय करेंगे.” उन्होंने यह भी कहा कि वह पुतिन से भी जल्द ही बात करने की उम्मीद रखते हैं, ताकि द्विपक्षीय मुद्दों का हल निकल सके.
रूस की सैन्य स्थिति और यूक्रेन के जवाब
इस बीच, रूस ने अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत किया है और युद्ध के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण क्षेत्रो पर कब्जा किया है. पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस की सेना यूक्रेन की पूरी सीमा पर नियंत्रण बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी, और इसके लिए उसे अपनी सैन्य शक्ति का पूरी तरह से इस्तेमाल करना होगा.
वहीं, यूक्रेन भी अपनी सीमा पर कड़ी सुरक्षा बना रहा है और युद्ध खत्म करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. जेलेंस्की के नेतृत्व में यूक्रेनी सेना रूस के हमलों का डटकर जवाब दे रही है, और यूक्रेन के लोग अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.
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