बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के चकिया क्षेत्र में स्थित विराट रामायण मंदिर एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक घटना का साक्षी बनने जा रहा है. 17 जनवरी को यहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधिवत स्थापना की जाएगी. इस भव्य आयोजन को लेकर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कई दिनों से व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी पूजा सामग्री, पुष्प, पवित्र जल और वैदिक विद्वान इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए पहुंच रहे हैं.
इस विशाल शिवलिंग का वजन लगभग 210 मीट्रिक टन बताया जा रहा है. इतने भारी शिवलिंग को सुरक्षित और सटीक ढंग से स्थापित करने के लिए राजस्थान और भोपाल से 750-750 टन क्षमता वाली दो विशाल क्रेनों को मंगाया गया है. स्थापना की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी चूक न हो, इसके लिए टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) द्वारा तकनीकी निगरानी की जा रही है. यह अपने आप में एक दुर्लभ उदाहरण है, जहां आधुनिक तकनीक और प्राचीन आस्था का संगम देखने को मिलेगा.