Gorakhpur Stadium: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में गोरखपुर में एक नया इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम बनाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के बीच एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह कदम प्रदेश में खेलों के विकास को और बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है, और इससे राज्य में क्रिकेट की लोकप्रियता को भी नया मुकाम मिलेगा.
गोरखपुर में इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम
गोरखपुर में बनने वाला यह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम 339 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रोजेक्ट की घोषणा करते हुए कहा कि इस स्टेडियम के निर्माण में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 30 करोड़ रुपये और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन ने 10 करोड़ रुपये का योगदान दिया है.
उन्होंने कहा कि यह स्टेडियम न केवल गोरखपुर, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है. इस स्टेडियम का निर्माण गोरखपुर में क्रिकेट के भविष्य को मजबूत करेगा और राज्य के खेल ढांचे को एक नई दिशा देगा. इस स्टेडियम के बनने से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में खेल को बढ़ावा मिलेगा और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं प्राप्त होंगी.
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: CM Yogi Adityanath says, "...An International Cricket Stadium is under construction in Varanasi with the help of BCCI and we are trying to complete its construction work by mid-June this year. Similarly, work is underway to build an International… https://t.co/rVgFObindX pic.twitter.com/MkHKnIDRcd
— ANI (@ANI) February 19, 2026
वाराणसी में भी बन रहा इंटरनेशनल स्टेडियम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि वाराणसी में भी एक इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण हो रहा है. बीसीसीआई (BCCI) की मदद से यह स्टेडियम बन रहा है और उम्मीद की जा रही है कि इसका निर्माण इस साल जून तक पूरा हो जाएगा. वाराणसी में बनने वाला यह स्टेडियम भी उत्तर प्रदेश में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्टेडियम का निर्माण पूरा होने के बाद वाराणसी में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच आयोजित किए जा सकेंगे, जो खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ा अवसर होगा.
खेलों का बढ़ता महत्व
योगी आदित्यनाथ ने इन दोनों स्टेडियम्स के निर्माण को राज्य में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और उत्तर प्रदेश की खेल नीति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया. उनका कहना था कि राज्य सरकार खेलों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है और ऐसे स्टेडियम्स के निर्माण से युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का एक अच्छा मौका मिलेगा. साथ ही, इन स्टेडियम्स के बनने से न केवल खेल के क्षेत्र में विकास होगा, बल्कि इससे पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
इस कदम से उत्तर प्रदेश में क्रिकेट के प्रति लोगों का रुझान और बढ़ेगा. स्टेडियम का निर्माण प्रदेश के अन्य शहरों को भी खेल के लिए आदर्श बनाकर एक नई दिशा देगा. इसके अलावा, इन स्टेडियम्स का निर्माण उत्तर प्रदेश के इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी सशक्त बनाएगा और राज्य को खेल जगत में एक नई पहचान दिलाएगा.
ये भी पढ़ें- क्रिकेट के मैदान पर मधुमक्खियों का आतंक! अंपायर को इतना काटा कि ले ली जान; कई प्लेयर्स घायल