Wi-Fi का सिग्नल फुल लेकिन इंटरनेट स्लो, आखिर क्यों हो रहा ऐसा? जानें बड़ी वजहें

आज के दौर में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह ऑफिस के काम से लेकर रात में मनोरंजन तक, लगभग हर गतिविधि इंटरनेट पर निर्भर है. ऐसे में जब वाई-फाई का सिग्नल पूरा दिखाई दे, लेकिन वीडियो बफर होने लगें, वेबसाइट खुलने में समय लगे या ऑनलाइन मीटिंग के दौरान कनेक्शन बार-बार टूटे, तो परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है.

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आज के दौर में इंटरनेट हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह ऑफिस के काम से लेकर रात में मनोरंजन तक, लगभग हर गतिविधि इंटरनेट पर निर्भर है. ऐसे में जब वाई-फाई का सिग्नल पूरा दिखाई दे, लेकिन वीडियो बफर होने लगें, वेबसाइट खुलने में समय लगे या ऑनलाइन मीटिंग के दौरान कनेक्शन बार-बार टूटे, तो परेशानी बढ़ना स्वाभाविक है. दिलचस्प बात यह है कि हर बार इसकी वजह इंटरनेट कंपनी नहीं होती. कई बार घर में मौजूद छोटी-छोटी तकनीकी समस्याएं ही नेटवर्क की स्पीड और स्थिरता को प्रभावित करती हैं.

राउटर की गलत जगह बन सकती है परेशानी की जड़

वाई-फाई नेटवर्क की क्षमता काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि राउटर को कहां स्थापित किया गया है. यदि राउटर किसी कोने में रखा गया है या उससे जुड़े डिवाइस काफी दूर हैं, तो सिग्नल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है. दूरी बढ़ने के साथ डेटा ट्रांसफर की क्षमता कम होने लगती है, जिससे इंटरनेट की स्पीड गिर जाती है. इसलिए विशेषज्ञ हमेशा सलाह देते हैं कि राउटर को घर या ऑफिस के ऐसे केंद्रीय स्थान पर रखा जाए, जहां से सिग्नल सभी कमरों तक समान रूप से पहुंच सकें.

इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बन सकते हैं रुकावट

अक्सर लोग यह मान लेते हैं कि वाई-फाई की समस्या केवल राउटर या इंटरनेट सेवा प्रदाता से जुड़ी होती है, लेकिन कई घरेलू उपकरण भी नेटवर्क को प्रभावित कर सकते हैं. माइक्रोवेव ओवन, कॉर्डलेस फोन और कुछ वायरलेस गैजेट्स ऐसी फ्रीक्वेंसी पर काम करते हैं जो वाई-फाई सिग्नल से टकरा सकती है. परिणामस्वरूप इंटरनेट की गति धीमी पड़ सकती है और कनेक्शन में बार-बार बाधा आ सकती है. यदि राउटर ऐसे उपकरणों के आसपास रखा गया है, तो उसकी स्थिति बदलना फायदेमंद साबित हो सकता है.

एंटीना की छोटी सी समस्या कर सकती है बड़ा असर

कई राउटर्स में बाहरी एंटीना लगे होते हैं, जो सिग्नल को दूर तक पहुंचाने का काम करते हैं. समय के साथ ये एंटीना ढीले हो सकते हैं या उनकी दिशा बदल सकती है. ऐसी स्थिति में नेटवर्क कवरेज प्रभावित होता है और इंटरनेट की गुणवत्ता गिरने लगती है. अगर लंबे समय से नेटवर्क कमजोर महसूस हो रहा है, तो राउटर के एंटीना की जांच करना एक आसान लेकिन प्रभावी समाधान हो सकता है.

ये चीजें भी कम कर सकती हैं नेटवर्क की ताकत

वाई-फाई सिग्नल हवा के जरिए यात्रा करते हैं, लेकिन उनके रास्ते में आने वाली बाधाएं उनकी ताकत को कम कर सकती हैं. मोटी दीवारें, बड़े फर्नीचर, धातु की वस्तुएं और बंद दरवाजे सिग्नल की पहुंच को प्रभावित करते हैं. यही कारण है कि कई बार एक कमरे में इंटरनेट शानदार चलता है, जबकि दूसरे कमरे में उसकी स्पीड काफी कम हो जाती है. यदि ऐसा हो रहा है तो राउटर की स्थिति बदलना या नेटवर्क एक्सटेंडर का उपयोग करना मददगार हो सकता है.

ऐसा होने पर घट सकती है स्पीड

आज लगभग हर घर में कई स्मार्ट डिवाइस मौजूद हैं. स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, टैबलेट और अन्य गैजेट्स जब एक ही नेटवर्क से जुड़े होते हैं, तो उपलब्ध बैंडविड्थ सभी के बीच बंट जाती है. ऐसे में प्रत्येक डिवाइस को कम इंटरनेट स्पीड मिलती है और नेटवर्क का प्रदर्शन कमजोर पड़ सकता है. खासकर तब, जब एक साथ वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और बड़ी फाइलों का डाउनलोड चल रहा हो.

सिग्नल पूरा दिखे लेकिन इंटरनेट न चले, तो क्या करें?

कई बार डिवाइस में वाई-फाई का आइकन पूरी ताकत के साथ दिखाई देता है, लेकिन इंटरनेट एक्सेस नहीं हो पाता. ऐसी स्थिति में समस्या इंटरनेट सेवा प्रदाता की ओर से भी हो सकती है. सर्वर में तकनीकी खराबी या किसी क्षेत्र विशेष में नेटवर्क आउटेज के कारण इंटरनेट सेवा प्रभावित हो सकती है.

इसके अलावा, राउटर की सेटिंग्स में गड़बड़ी या हार्डवेयर संबंधी समस्या भी इंटरनेट कनेक्शन को प्रभावित कर सकती है. ऐसे समय में राउटर को रीस्टार्ट करना, उसकी सेटिंग्स की जांच करना या आवश्यकता पड़ने पर फैक्ट्री रीसेट करना उपयोगी साबित हो सकता है.

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