Su-57 Fighter Jet: रूस का Su-57 एक पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट है, लेकिन भारत की ओर से इसके ऑफर पर अभी तक खास दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है. इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं.
पहली वजह यह है कि Su-57 भले ही पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है, लेकिन युद्ध में इसके प्रदर्शन का रिकॉर्ड अभी बहुत सीमित माना जाता है.
दूसरी बड़ी वजह इसका उत्पादन है. भारत को जिस संख्या में स्टील्थ फाइटर जेट की जरूरत है, उसके मुकाबले Su-57 का मौजूदा उत्पादन पर्याप्त नहीं माना जा रहा है.
रूस और यूक्रेन के बीच चार साल से ज्यादा समय से युद्ध चल रहा है. वहीं, पिछले साल से क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई चेन में आई रुकावट ने भी Su-57 के उत्पादन की रफ्तार को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
चिंता इस बात की भी है कि भारत को जिस संख्या और जिस तेजी से फाइटर जेट की जरूरत है, क्या रूस उस हिसाब से इसकी डिलिवरी कर पाएगा. अभी तक Su-57 के एक्सपोर्ट वर्जन की बिक्री भी काफी सीमित बताई जाती है.
सबसे अहम बात यह है कि Su-57 की वास्तविक युद्ध क्षमता को लेकर भी अभी तक कोई बड़ा और स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आया है.
स्वदेशी स्टील्थ फाइटर जेट का भी इंतजार
भारत के सामने रूस के Su-57 और अमेरिका के F-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के विकल्प मौजूद हैं. लेकिन इसी के साथ भारत अपने स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का भी इंतजार कर रहा है.
रक्षा सचिव राकेश कुमार सिंह ने हाल ही में एक कार्यक्रम में बताया कि AMCA का पहला प्रोटोटाइप सितंबर 2028 तक तैयार होने की संभावना है.
चीन के पास करीब 500 स्टील्थ फाइटर जेट
माना जाता है कि चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के पास स्टील्थ तकनीक वाले करीब 500 J-20 और J-35 फाइटर जेट हैं. ये विमान रडार की पकड़ से बचने की क्षमता रखते हैं.
चीन अपनी सेना के लिए पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों के कई स्क्वाड्रन तैयार कर चुका है. इसके मुकाबले भारतीय वायुसेना के पास अभी एक भी स्टील्थ फाइटर जेट नहीं है. इससे दोनों देशों की हवाई ताकत के बीच एक बड़ा अंतर दिखाई देता है.
अभी तक स्टील्थ फाइटर पर नहीं हुआ है फैसला
हाल ही में एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में रक्षा सचिव राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वैश्विक स्रोत से पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान खरीदने को लेकर सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि फिलहाल भारत का अपना पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट कार्यक्रम AMCA है, हालांकि आगे क्या होगा, यह अभी तय नहीं है.
रक्षा सचिव ने यह बात जिस कार्यक्रम में कही, वहां भारत में रूस के राजदूत डेनिस अलीपोव भी मौजूद थे. इससे पहले पिछले साल फरवरी में एशिया के सबसे बड़े एयरशो एयरो इंडिया में रूस के Su-57 को भी प्रदर्शित किया गया था.