Winter Joint Pain: सर्दी के मौसम में अक्सर घुटनों के दर्द और जोड़ों में जकड़न की समस्या बढ़ जाती है, खासकर बुजुर्गों और आर्थराइटिस के मरीजों में. घुटनों में अकड़न और सूजन से उठना-बैठना और चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है. यह समस्या सर्दी में और भी बढ़ जाती है. आइए जानते हैं इस दर्द के कारण और इसके इलाज के आयुर्वेदिक उपायों के बारे में.
सर्दियों में घुटने क्यों दुखते हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दी में घुटनों के दर्द का कारण केवल ठंड नहीं, बल्कि शरीर में होने वाले कुछ अन्य बदलाव भी हैं. सर्दी के मौसम में वायुमंडलीय दबाव (बैरोमेट्रिक प्रेशर) घट जाता है, जिससे जोड़ों के आसपास की मांसपेशियों में सूजन बढ़ सकती है. इससे जोड़ों में दर्द और जकड़न महसूस होती है. इसके अलावा, ठंड के कारण शरीर में रक्त प्रवाह धीमा हो जाता है और घुटनों में मौजूद सायनोवियल फ्लूइड, जो जोड़ों को चिकनाई प्रदान करता है, ठंड के असर से गाढ़ा हो जाता है. इसके परिणामस्वरूप, जोड़ों की गति कम हो जाती है और दर्द बढ़ने लगता है. विटामिन-डी की कमी भी सर्दी में बढ़ जाती है, जो हड्डियों और जोड़ों को कमजोर बना देती है.
वात दोष का प्रभाव
आयुर्वेद में इसे मुख्य रूप से वात दोष के बढ़ने से जोड़ा गया है. आयुर्वेद के अनुसार, सर्दियों और सूखे मौसम में वात दोष बढ़ जाता है, जिससे जोड़ों में सूखापन, दर्द और जकड़न महसूस होती है. शरीर में श्लेषक कफ, जो जोड़ों को स्वाभाविक रूप से चिकनाई देता है, वात दोष के बढ़ने से सूखने लगता है. इस वजह से सर्दियों में घुटनों की समस्या ज्यादा बढ़ जाती है.
दर्द से राहत पाने के उपाय
आयुर्वेद में कई ऐसे तरीके हैं, जो घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं. सबसे प्रभावी उपायों में से एक है तेल मालिश. तिल के तेल या महानारायण तेल से घुटनों की हल्की मालिश करने से जोड़ों में गर्माहट आती है और जकड़न कम होती है. यह दर्द को कम करने में मदद करता है. इसके अलावा, सुबह खाली पेट मेथी दाने भिगोकर खाने से सूजन घटती है और दर्द में राहत मिलती है. मेथी की तासीर गर्म होती है, जो घुटनों की सूजन कम करने में सहायक होती है. हल्दी और अदरक का काढ़ा पीने से भी अंदरूनी सूजन कम होती है और जोड़ों को ताकत मिलती है.
घुटनों को मजबूत बनाने के तरीके
सर्दियों में घुटनों की समस्या को दूर करने के लिए कुछ और साधारण उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल किया जा सकता है. गुनगुना पानी पीना, सूरज की धूप में कुछ समय बैठना और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना बहुत फायदेमंद होता है. यह सभी उपाय जोड़ों को आराम देने और दर्द को कम करने में मदद करते हैं. साथ ही, ठंडी फर्श पर बैठने, नंगे पैर चलने और ठंडा भोजन खाने से बचना चाहिए. अगर दर्द ज्यादा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो आयुर्वेदिक डॉक्टर से परामर्श लेना सही रहेगा.
Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.
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