तालिबान के अफगानिस्तान में दोबारा सत्ता में आने के बाद से महिलाओं और आम नागरिकों की आजादी पर गंभीर असर पड़ा है. हाल ही में खबर आई कि तालिबान ने पूरे देश में टेलीकॉम सेवाओं और इंटरनेट को बंद करने का आदेश दिया है. ग्लोबल नेटवर्क मॉनिटरिंग संस्था NetBlocks के अनुसार, अफगानिस्तान में इंटरनेट कनेक्टिविटी बीते दिन एक प्रतिशत से भी कम रह गई, जिसे संस्था ने "इंटरनेट ब्लैकआउट" की संज्ञा दी है.
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब तालिबान ने इस तरह का कठोर कदम उठाया हो. 2021 में अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा करने के बाद से तालिबान ने महिलाओं और लड़कियों के जीवन से जुड़े कई क्षेत्रों में कठोर प्रतिबंध लगाए हैं.
लड़कियों की शिक्षा पर रोक
तालिबान के शासन में सबसे बड़ा झटका लड़कियों की शिक्षा को लगा. सितंबर 2021 में तालिबान ने छठी कक्षा के बाद लड़कियों की पढ़ाई पर रोक लगा दी. इसके बाद विश्वविद्यालयों में भी उनका प्रवेश बंद कर दिया गया. वर्तमान में लाखों लड़कियां स्कूल और उच्च शिक्षा से वंचित हैं.
कामकाजी महिलाओं पर बंदिशें
शिक्षा के साथ-साथ महिलाओं के रोजगार के अवसर भी छीन लिए गए. तालिबान सरकार ने गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) और संयुक्त राष्ट्र से जुड़े प्रोजेक्ट्स में महिलाओं के काम करने पर पाबंदी लगा दी. इसके चलते हजारों महिलाएं, जो पहले समाज में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं, अब घर तक सीमित हो गई हैं.
ब्यूटी पार्लर और सार्वजनिक स्थलों पर पाबंदी
महिलाओं की सार्वजनिक उपस्थिति पर भी कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. जुलाई 2023 में तालिबान ने महिलाओं के लिए ब्यूटी पार्लर बंद करने का आदेश जारी किया. इससे हजारों महिलाओं का रोजगार छिन गया. इसके अलावा, महिलाओं का जिम, पार्क और पब्लिक बाथहाउस जैसी जगहों पर जाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.
साथ ही, अब महिलाएं किसी पुरुष संरक्षक जैसे पति, भाई या पिता के बिना यात्रा नहीं कर सकतीं, जो उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है.
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