West Bengal Politics: कभी जिस पार्टी का नाम सुनते ही राजनीतिक विरोधियों की रणनीति बदल जाती थी. कभी जिस नेतृत्व के सामने पूरा विपक्ष एकजुट होने की कोशिश करता था, आज उसी पार्टी के भीतर उठ रहे सवाल राजनीतिक गलियारों में सबसे बड़ी चर्चा बन गए हैं. क्या ममता बनर्जी की पार्टी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है? क्या चुनावी हार के बाद संगठन के भीतर असंतोष की आग भड़क उठी है? क्या नेताओं और कार्यकर्ताओं का भरोसा डगमगा रहा है? और सबसे बड़ा सवाल क्या ममता बनर्जी पहली बार अपनी ही पार्टी के अंदर सबसे कठिन राजनीतिक चुनौती का सामना कर रही हैं? इन सवालों की वजह एक नहीं बल्कि कई हैं.
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