कोलकाता: पश्चिम बंगाल सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे की तस्वीर भी साफ कर दी है. मंगलवार को जारी आधिकारिक अधिसूचना के साथ यह तय हो गया कि राज्य सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी अब किन नेताओं के कंधों पर होगी. नए विभागीय आवंटन के जरिए सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को गति देने और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर समन्वय स्थापित करने का संदेश दिया है. 1 जून को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब राज्य मंत्रिपरिषद का आकार बढ़कर 41 सदस्यों का हो गया है.
मुख्यमंत्री के पास रहेंगे सबसे अहम विभाग
नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को राज्य के कई प्रमुख और रणनीतिक विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. गृह एवं पर्वतीय मामले, भूमि एवं भूमि सुधार, शरणार्थी राहत एवं पुनर्वास, बिजली, सूचना एवं संस्कृति तथा कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार जैसे महत्वपूर्ण विभाग सीधे मुख्यमंत्री के अधीन रहेंगे. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन विभागों का आवंटन किसी अन्य मंत्री को नहीं किया गया है, उनका प्रभार भी मुख्यमंत्री के पास ही रहेगा. इससे प्रशासनिक फैसलों में मुख्यमंत्री की भूमिका और अधिक मजबूत होगी.
वरिष्ठ मंत्रियों को मिली बड़ी जिम्मेदारियां
कैबिनेट मंत्रियों में निशीथ प्रामाणिक को उत्तर बंगाल विकास और जल संसाधन जांच एवं विकास विभाग की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं अशोक किरतानिया को खाद्य एवं आपूर्ति तथा सहकारिता विभाग सौंपा गया है. दिलीप घोष पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ कृषि विपणन विभाग का कामकाज संभालेंगे. खुदीराम टुडू को आदिवासी विकास, अल्पसंख्यक मामले और मदरसा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली है, जबकि अग्निमित्रा पाल को शहरी विकास एवं नगर मामलों का महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है.
शिक्षा, उद्योग और पर्यटन पर विशेष फोकस
सरकार ने शिक्षा और औद्योगिक विकास से जुड़े विभागों का भी विशेष ध्यान रखते हुए आवंटन किया है. दीपक बर्मन को स्कूल शिक्षा, आवास तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग सौंपे गए हैं. तापस रॉय को उद्योग, वाणिज्य एवं उद्यम, सार्वजनिक उपक्रम एवं औद्योगिक पुनर्निर्माण तथा गैर-पारंपरिक एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभागों की जिम्मेदारी दी गई है. वहीं शंकर घोष पर्यटन और संसदीय कार्य विभाग का नेतृत्व करेंगे. मनोज कुमार उरांव वन एवं पर्यावरण विभाग संभालेंगे, जबकि अर्जुन सिंह को श्रम एवं परिवहन विभाग का प्रभार मिला है.
Portfolio allocation in West Bengal | CM Suvendu Adhikari to take care of Home and Hill Dept, Dept of Land and Land Reforms, Refugee Relief and Rehabilitation among other departments
— ANI (@ANI) June 10, 2026
Nishith Parmanik to head North Bengal Development Department and Department of Water Resources… pic.twitter.com/ihVIqtAVmT
वित्त, स्वास्थ्य और तकनीक के विभागों में नए चेहरे
नई कैबिनेट में कई महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक विभागों की कमान भी नए मंत्रियों को दी गई है. स्वपन दासगुप्ता वित्त विभाग संभालेंगे, जबकि कल्याण चक्रवर्ती को सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण एवं बागवानी विभागों की जिम्मेदारी मिली है. स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का नेतृत्व शरदवत मुखर्जी करेंगे. इसके अलावा अरूप कुमार दास को सिंचाई एवं जलमार्ग विभाग तथा अजय कुमार पोद्दार को लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी और लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. कृषि विभाग का प्रभार दूध कुमार मंडल को दिया गया है.
राज्य मंत्रियों को भी मिला प्रशासनिक दायित्व
स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्रियों में मालती रावा रॉय को महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, स्वयं सहायता समूह एवं स्वरोजगार तथा कार्यक्रम निगरानी विभाग दिए गए हैं. राजेश महाता पशु संसाधन विकास एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जबकि इंद्राणी खान युवा कल्याण एवं खेल तथा उपभोक्ता मामले विभाग की जिम्मेदारी निभाएंगी. इसके अलावा कई राज्य मंत्रियों को विभिन्न विभागों में सहायक जिम्मेदारियां दी गई हैं. सरकार का कहना है कि यह नया विभागीय ढांचा तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और इसका उद्देश्य प्रशासन को अधिक प्रभावी, जवाबदेह तथा विकासोन्मुख बनाना है.
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