Weather: जनवरी का महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और सर्दी धीरे-धीरे कमजोर पड़ती दिख रही है, लेकिन जाते-जाते मौसम ने उत्तर भारत के लोगों को एक नई चुनौती दे दी है. ठंड के साथ अब बारिश, तेज हवाएं, ओलावृष्टि और पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है. इसके पीछे वजह बना है एक एक्टिव और शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टर्बेंस, जिसने पूरे उत्तर भारत के मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार के कई हिस्सों में बारिश, आंधी और ओलों की चेतावनी जारी की है. वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी से हालात और भी मुश्किल होते जा रहे हैं. कई जगहों पर सड़कें बंद हैं, विजिबिलिटी कम हो गई है और तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है.
वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने बदली मौसम की तस्वीर
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल एक इंटेंस वेस्टर्न डिस्टर्बेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर रहा है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है. इसकी वजह से मैदानी इलाकों में जहां गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं, वहीं पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है. जनवरी के आखिरी हफ्ते में कोल्ड वेव भले ही कमजोर हो गई हो, लेकिन इस सिस्टम ने मौसम को और ज्यादा अस्थिर बना दिया है.
उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं का सिलसिला
23 जनवरी 2026 को उत्तर भारत के अधिकांश राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश और गरज-चमक के आसार हैं. IMD के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं, जिससे खुले इलाकों में नुकसान की आशंका है.
सुबह और देर रात के समय हल्का कोहरा भी देखने को मिल सकता है, हालांकि घने कोहरे की संभावना कम है. तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है, जिससे ठंड का असर पहले के मुकाबले कम महसूस किया जा रहा है.
उत्तर प्रदेश और बिहार: बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी
उत्तर प्रदेश और बिहार में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक 23 जनवरी को दोनों राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है, साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
पूर्वी यूपी और बिहार के इलाकों में हल्की बारिश के छींटे पड़ने के आसार हैं. लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 10 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि पटना और गया में पारा 12 से 15 डिग्री तक रहने की संभावना है. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला पूरी तरह थमने वाला नहीं है.
दिल्ली-एनसीआर: पांच दिनों तक बदला रहेगा मौसम
राजधानी दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में 23 जनवरी को पूरे दिन बादल छाए रहने की संभावना है. हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं. न्यूनतम तापमान लगभग 11 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रह सकता है.
IMD पहले ही दिल्ली के लिए थंडरस्टॉर्म और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी कर चुका है. 24 और 25 जनवरी को भी बारिश के आसार बने हुए हैं. इसके अलावा 26 से 28 जनवरी के बीच एक और नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस सक्रिय हो सकता है, जिससे मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है.
इन राज्यों में किसानों के लिए बढ़ी चिंता
पंजाब, हरियाणा और उत्तर राजस्थान के इलाकों में इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं.
सुबह के समय कई जगहों पर घना कोहरा भी छा सकता है. न्यूनतम तापमान 9 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. यह मौसम खासतौर पर किसानों के लिए चिंता का कारण बन गया है, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है.
पहाड़ी इलाकों में भारी बर्फबारी से हालात बिगड़े
हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में मौसम सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. कश्मीर घाटी, गुलमर्ग, मनाली और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद कर दी गई हैं. यातायात प्रभावित है और ठंड एक बार फिर तेज हो गई है.
IMD के मुताबिक 24 और 25 जनवरी तक बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है, हालांकि इसकी तीव्रता में थोड़ी कमी आने की संभावना है. इसके बाद 26 जनवरी के आसपास एक और सिस्टम के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे पहाड़ों में मौसम फिर बिगड़ सकता है.
दक्षिण भारत में मौसम स्थिर और शुष्क
जहां उत्तर भारत में मौसम उथल-पुथल मचा रहा है, वहीं दक्षिण भारत में हालात अपेक्षाकृत शांत बने हुए हैं. तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फिलहाल किसी बड़े मौसमीय सिस्टम का असर नहीं है.
मौसम विभाग के अनुसार चेन्नई में अधिकतम तापमान 29 से 31 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि बेंगलुरु में न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री तक रह सकता है. हल्की ठंडी हवाओं के बावजूद अगले कुछ दिनों तक दक्षिण भारत में मौसम स्थिर रहने की संभावना है.