काराकास/वॉशिंगटन: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव एक बार फिर उबाल पर है. वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने एक सख्त संदेश देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका ने उनकी भूमि पर हमला किया, तो वे देश को एक "सशस्त्र गणराज्य" घोषित कर देंगे और संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे.
यह बयान तब आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर युद्धपोत, पनडुब्बियां और सैनिक तैनात किए जा रहे हैं. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि यह सैन्य कदम मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. लेकिन वेनेजुएला इस कार्रवाई को सीधी सैन्य धमकी मान रहा है.
मादुरो की दो टूक चेतावनी: "हम झुकने वाले नहीं"
राष्ट्रपति मादुरो ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय प्रेस को संबोधित करते हुए कहा, "वेनेजुएला इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े खतरे का सामना कर रहा है. अगर अमेरिका हम पर हमला करता है, तो यह केवल एक देश पर हमला नहीं होगा, बल्कि एक पूरे संप्रभु गणराज्य की आत्मा पर प्रहार होगा. हम एक सशस्त्र संघर्ष के लिए तैयार हैं."
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 1,200 मिसाइलों से लैस युद्धपोत और एक परमाणु पनडुब्बी तैनात की है जो सीधा सैन्य दबाव बनाने की कोशिश है.
अमेरिकी नौसैनिक अभ्यास और वेनेजुएला की प्रतिक्रिया
15 सितंबर से अमेरिका अपने तट के पास ‘UNITAS 2025’ नामक एक बड़ा नौसैनिक अभ्यास शुरू करने जा रहा है. वेनेजुएला इसे मात्र सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि “हमले की पूर्व तैयारी” के रूप में देख रहा है. इसके जवाब में वेनेजुएला ने सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैनाती शुरू कर दी है और आम नागरिकों से भी सशस्त्र बलों में शामिल होने की अपील की है.
ड्रग तस्करी या राजनीतिक दबाव?
अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला की सरकार का संबंध एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल, “Cartel of the Suns”, से है. इस आरोप के आधार पर अमेरिका ने मादुरो की गिरफ्तारी पर 50 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित किया है.
राष्ट्रपति मादुरो ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "अगर आप माफिया डॉन को ढूंढ़ रहे हैं तो गलत देश में हैं. मैं कोई तस्कर नहीं, एक क्रांतिकारी हूं. मेरे पास कोई महल या साम्राज्य नहीं, बल्कि मेरी ताकत मेरी जनता और देश की सेना है."
तख्तापलट और विदेशी हस्तक्षेप के आरोप
वेनेजुएला लंबे समय से अमेरिका पर उसकी सरकार गिराने की कोशिशों का आरोप लगाता रहा है. पिछले वर्ष वेनेजुएला की खुफिया एजेंसियों ने कथित रूप से कुछ अमेरिकी एजेंटों को गिरफ्तार किया था, जिन पर सरकार के खिलाफ साजिश का आरोप लगाया गया था.
इसके अलावा विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो, जिन्हें अमेरिका का समर्थन प्राप्त है, देश में सत्ता परिवर्तन की लगातार मांग कर रही हैं. वहीं अमेरिकी रिपब्लिकन सीनेटर बर्नी मोरेनो जैसे नेताओं ने खुलेआम कहा है कि “मादुरो अब और सत्ता में नहीं रह सकते.”
मादुरो का कहना है कि ये बयान और कार्रवाइयां वेनेजुएला की राजनीतिक संप्रभुता पर सीधा हमला हैं.
मियामी माफिया और 'नई शीत युद्ध' की चेतावनी
मादुरो ने अमेरिका में मौजूद वेनेजुएला के निर्वासित नेताओं और उनकी लॉबी को ‘मियामी माफिया’ करार देते हुए आरोप लगाया कि इन लोगों ने व्हाइट हाउस और स्टेट डिपार्टमेंट पर प्रभाव जमा लिया है.
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना 1962 के क्यूबा मिसाइल संकट से की, और कहा कि अमेरिका क्षेत्रीय तनाव बढ़ाकर पूरे महाद्वीप को अस्थिर करने की कोशिश कर रहा है.
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