Venezuela News: वेनेजुएला में सत्ता परिवर्तन की आहट के बीच शनिवार, 3 जनवरी 2025 को अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आते ही देश की सियासी तस्वीर तेजी से बदलती दिखी. इस घटनाक्रम पर विपक्ष की ओर से पहली बड़ी प्रतिक्रिया आई है. प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने इसे वेनेजुएला के लिए आज़ादी की शुरुआत करार दिया है.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए मचाडो ने लिखा, “वेनेजुएलावासियों, आज़ादी का समय आ गया है.” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश में वर्षों से चली आ रही राजनीतिक खींचतान एक निर्णायक मोड़ पर पहुंचती नजर आ रही है.
छिपकर रहने को मजबूर रहीं मचाडो, अब खुला संदेश
मारिया कोरिना मचाडो जुलाई 2024 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद से सार्वजनिक जीवन से लगभग गायब थीं. उस चुनाव में निकोलस मादुरो को विजेता घोषित किया गया था, लेकिन विपक्ष ने बड़े पैमाने पर धांधली के आरोप लगाए थे.मचाडो खुद इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं बन सकीं, क्योंकि उन्हें पहले ही अयोग्य घोषित कर दिया गया था. इसके बाद अंतिम समय में एडमंडो गोंजालेज उरुतिया को विपक्षी उम्मीदवार बनाया गया, जिन्हें विपक्ष असली विजेता मानता है.मादुरो की गिरफ्तारी के बाद मचाडो ने साफ कहा कि अब वक्त आ गया है कि एडमंडो गोंजालेज उरुतिया तुरंत राष्ट्रपति के रूप में अपना संवैधानिक दायित्व संभालें.
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल, परिणामों पर विवाद
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 के चुनावों में वेनेजुएला की राष्ट्रीय चुनाव परिषद ने मादुरो को विजेता घोषित किया था, लेकिन मतदान केंद्रों से विस्तृत और सत्यापित नतीजे सार्वजनिक नहीं किए गए. आधिकारिक वजह साइबर हमले बताई गई.विपक्ष ने इसे बहाना बताते हुए चुनाव को पूरी तरह से धोखाधड़ी करार दिया और कहा कि जनता के जनादेश को दबा दिया गया.अमेरिका और कई पश्चिमी देशों के साथ-साथ वेनेजुएला के विपक्ष ने 2018 और 2024 दोनों चुनावों में मादुरो की जीत को अवैध और धांधलीपूर्ण बताया है.
नोबेल सम्मान और अंतरराष्ट्रीय समर्थन
मारिया कोरिना मचाडो को पिछले महीने पहली बार सार्वजनिक रूप से देखा गया था, जब वह लगभग 11 महीनों तक छिपे रहने के बाद बाहर आईं. नॉर्वे में उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी पहचान और मजबूत हुई.उनका मानना है कि वेनेजुएला अब उस मोड़ पर खड़ा है जहां लोकतांत्रिक व्यवस्था को दोबारा स्थापित किया जा सकता है.
ट्रंप का सतर्क बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मचाडो का खुलकर समर्थन करने से फिलहाल परहेज किया है. फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “हमें अभी इस पूरे मामले पर विचार करना होगा. उनके पास एक उपराष्ट्रपति है. मैं नहीं जानता कि वह चुनाव किस तरह का था, लेकिन मादुरो का चुनाव एक शर्मनाक घटना थी. हालांकि ट्रंप के साथ कथित नजदीकी को लेकर मचाडो को वेनेजुएला के भीतर आलोचना का सामना भी करना पड़ा है.
‘पुनर्निर्माण के लिए तैयार हैं’
इसी बीच विपक्षी उम्मीदवार एडमंडो गोंजालेज उरुतिया ने भी एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे निर्णायक क्षण बताया. उन्होंने लिखा कि देश अब पुनर्निर्माण के महान अभियान के लिए तैयार है और जनता को यह विश्वास होना चाहिए कि बदलाव संभव है.वेनेजुएला इस समय इतिहास के सबसे संवेदनशील दौर से गुजर रहा है, जहां एक गिरफ्तारी ने वर्षों की सत्ता संरचना को हिलाकर रख दिया है और देश के भविष्य को लेकर नई उम्मीदें जन्म ले रही हैं.
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