एक 85 वर्षीय वरिष्ठ डॉक्टर, डॉ. अशोक जयवीर, जो पेशे से एक प्रतिष्ठित हृदय रोग विशेषज्ञ थे, कतर एयरवेज की फ्लाइट से लॉस एंजेलिस (अमेरिका) से कोलंबो (श्रीलंका) की यात्रा पर थे. इस 15.5 घंटे लंबी अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लिए उन्होंने यात्रा से पहले ही विशेष रूप से शाकाहारी भोजन का अनुरोध किया था.
हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार, जब फ्लाइट में भोजन परोसा गया, तो फ्लाइट अटेंडेंट ने उन्हें बताया कि शाकाहारी खाना उपलब्ध नहीं है. इसके बजाय उन्हें मांसाहारी भोजन दिया गया और खाने के लिए कहा गया.
क्या हुआ खाने के बाद?
जैसे ही डॉ. जयवीर ने वह खाना खाने की कोशिश की, उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी. उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी और दम घुटने लगा. फ्लाइट क्रू ने तुरंत मेडिकल सहायता देने की कोशिश की और मेडएयर नामक मेडिकल सपोर्ट सेवा से ऑनलाइन संपर्क किया गया.
लेकिन उनकी हालत लगातार खराब होती गई. फ्लाइट को आपात स्थिति में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में उतारा गया, जहां उन्हें अस्पताल ले जाया गया.
डॉक्टर की मृत्यु और कारण
हॉस्पिटल में इलाज के बावजूद डॉ. जयवीर को बचाया नहीं जा सका. 3 अगस्त 2023 को उनकी मौत हो गई.
मेडिकल रिपोर्ट में उनकी मौत का कारण एस्पिरेशन निमोनिया (Aspiration Pneumonia) बताया गया, जो आमतौर पर तब होता है जब खाना या तरल पदार्थ गलती से श्वास नली में चला जाता है और फेफड़ों में संक्रमण पैदा करता है.
बेटे ने दायर किया मुकदमा
डॉ. जयवीर के बेटे सूर्या जयवीर ने हाल ही में कतर एयरवेज के खिलाफ "गलत तरीके से हुई मृत्यु (Wrongful Death)" का केस दर्ज करवाया है.
उन्होंने आरोप लगाया कि:
मॉन्ट्रियल कन्वेंशन का हवाला
मुकदमे में यह भी तर्क दिया गया है कि कतर और अमेरिका दोनों मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के सदस्य हैं, यह एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है जो अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा के दौरान दुर्घटनाओं, चोटों या मौतों के मामलों में एयरलाइनों की जिम्मेदारी तय करता है.
कन्वेंशन के तहत, किसी यात्री की जान जाने की स्थिति में एयरलाइन को मुआवजा देना होता है, जिसकी सीमा लगभग $175,000 अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है.
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