Uttarakhand Weather: उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सोमवार को तेज तूफान चलने का अनुमान है. वहीं, मैदानी इलाकों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा. मौसम विज्ञान केंद्र ने 23 मार्च के लिए उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ जिलों में बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया है.
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है. पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार का मौसम प्रणाली है, जो उत्तर भारत में अक्सर ठंडी हवाओं और भारी बारिश का कारण बनता है. इस विक्षोभ के असर से उत्तराखंड में तूफान और आंधी का अनुमान जताया जा रहा है.
मौसम में बदलाव के कारण
मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारियों का कहना है कि इस समय राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम में बदलाव आ सकता है. 23 मार्च के आसपास उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में तेज हवा चलने के साथ बारिश और बिजली कड़कने की संभावना भी जताई जा रही है. इसी वजह से लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
विशेष रूप से उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिले में यह तूफान और बारिश का प्रभाव अधिक रहेगा. इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है, जो कि पेड़-पौधों को उखाड़ने और छतों को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त हो सकता है.
आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 27 मार्च तक उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदला-बदला रहेगा. इसका मतलब है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.
देहरादून का मौसम
रविवार को देहरादून का मौसम भी सामान्य से थोड़ा अलग रहा. यहां का अधिकतम तापमान 27.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य तापमान से एक डिग्री कम था. रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से दो डिग्री कम रहा और यह 12.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. हालांकि, पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में और अधिक गिरावट देखने को मिली है, जिससे ठंड में भी वृद्धि हो रही है.
मौसम के साथ सतर्कता बरतने की सलाह
मौसम के इस बदलाव को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे तूफान और तेज हवाओं से बचने के लिए जरूरी सतर्कता बरतें. खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में जहां बिजली गिरने और पेड़ गिरने का खतरा ज्यादा रहता है, वहां के लोगों को अधिक सावधान रहने की जरूरत है.
साथ ही, पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को भी अपनी यात्रा योजनाओं को ध्यान से बनाने की सलाह दी गई है. साथ ही, बिजली गिरने के कारण बिजली के उपकरणों को सही से बंद रखने और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है.
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