सोने की कीमतों में भारी गिरावट, टूट गया 40 साल का रिकॉर्ड! क्या आ गया खरीदारी करने का 'गोल्डन चांस'?

देश और दुनिया के बाजारों में इन दिनों सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है.

Heavy fall in gold prices Is it the right time to buy what is the new rate
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

Gold Price Crash: देश और दुनिया के बाजारों में इन दिनों सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ ही दिनों के भीतर दामों में आई तेज कमी ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है.

भारत जैसे देश में, जहां सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से जुड़ा होता है, ऐसे में यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या यह गिरावट चिंता की वजह है या फिर सस्ते में खरीदारी का मौका.

अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?

वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. 13 मार्च को सोना करीब 5,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 23 मार्च तक गिरकर लगभग 4,354 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.

इससे पहले सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंच चुका था. हालिया कारोबार में कीमतें और नीचे फिसलकर करीब 4,320 डॉलर तक भी गईं, जो पिछले कुछ महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है.

भारतीय बाजार में भी बड़ी गिरावट

घरेलू बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है.

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर:

  • सोने की कीमत में करीब 5% की गिरावट आई है
  • अप्रैल डिलीवरी वाला सोना लगभग 7,115 रुपये सस्ता होकर 1,37,377 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया

वहीं चांदी में और ज्यादा गिरावट दर्ज की गई:

  • करीब 6% की कमी
  • दाम गिरकर लगभग 2,13,166 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए

दिल्ली के स्पॉट मार्केट में भी राहत देखने को मिली:

  • सोना करीब 5,950 रुपये सस्ता होकर 1,40,170 रुपये प्रति 10 ग्राम
  • चांदी लगभग 15,000 रुपये गिरकर 2,30,000 रुपये प्रति किलोग्राम

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?

आमतौर पर जब दुनिया में तनाव या युद्ध की स्थिति होती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं. लेकिन इस बार ट्रेंड थोड़ा अलग है.

मौजूदा गिरावट के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

  • डॉलर की मजबूती
  • रियल यील्ड (ब्याज दर) में बढ़ोतरी
  • बाजार में लिक्विडिटी को लेकर चिंता
  • कुछ देशों द्वारा सोने के भंडार बेचने की अटकलें

इन सभी कारणों ने मिलकर सोने की कीमतों पर दबाव बना दिया है.

निवेशकों के लिए मौका या जोखिम?

विशेषज्ञों की राय इस मामले में काफी दिलचस्प है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है. उनका सुझाव है कि एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे (किस्तों में) निवेश करना बेहतर रहेगा.

तकनीकी तौर पर, अगर कीमतें और गिरती हैं तो अगला अहम स्तर लगभग 4,154 डॉलर प्रति औंस के आसपास माना जा रहा है. यानी बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव संभव है.

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