Gold Price Crash: देश और दुनिया के बाजारों में इन दिनों सोना और चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है. कुछ ही दिनों के भीतर दामों में आई तेज कमी ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है.
भारत जैसे देश में, जहां सोना सिर्फ निवेश नहीं बल्कि परंपरा और भावनाओं से जुड़ा होता है, ऐसे में यह सवाल सबसे बड़ा बन गया है कि क्या यह गिरावट चिंता की वजह है या फिर सस्ते में खरीदारी का मौका.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या हुआ?
वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. 13 मार्च को सोना करीब 5,200 डॉलर प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो 23 मार्च तक गिरकर लगभग 4,354 डॉलर प्रति औंस पर आ गया.
इससे पहले सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर तक भी पहुंच चुका था. हालिया कारोबार में कीमतें और नीचे फिसलकर करीब 4,320 डॉलर तक भी गईं, जो पिछले कुछ महीनों का निचला स्तर माना जा रहा है.
भारतीय बाजार में भी बड़ी गिरावट
घरेलू बाजार में भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर:
वहीं चांदी में और ज्यादा गिरावट दर्ज की गई:
दिल्ली के स्पॉट मार्केट में भी राहत देखने को मिली:
आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने के दाम?
आमतौर पर जब दुनिया में तनाव या युद्ध की स्थिति होती है, तो निवेशक सोने की ओर रुख करते हैं. लेकिन इस बार ट्रेंड थोड़ा अलग है.
मौजूदा गिरावट के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:
इन सभी कारणों ने मिलकर सोने की कीमतों पर दबाव बना दिया है.
निवेशकों के लिए मौका या जोखिम?
विशेषज्ञों की राय इस मामले में काफी दिलचस्प है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर हो सकती है. उनका सुझाव है कि एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय धीरे-धीरे (किस्तों में) निवेश करना बेहतर रहेगा.
तकनीकी तौर पर, अगर कीमतें और गिरती हैं तो अगला अहम स्तर लगभग 4,154 डॉलर प्रति औंस के आसपास माना जा रहा है. यानी बाजार में अभी और उतार-चढ़ाव संभव है.
ये भी पढ़ें- मिडिल ईस्ट जंग के बीच भारत ने शुरू की तैयारी, तैनात कर रहा 'देसी ब्रह्मास्त्र', जानें ताकत और खासियत