देहरादून, न्यूज डेस्क: नैनीताल हाईकोर्ट ने उद्यान विभाग में हुए घोटाले (Scams in Horticulture Department) की सीबीआई (CBI) जांच के आदेश दिए थे. कोर्ट ने इस मामले में अति गंभीर मानते हुए राज्य सरकार को यह निर्देश भी दिए थे कि अधिकारी इस मामले में सीबीआई को सभी दस्तावेजों के साथ सहयोग करें.जिसके बाद अब राज्य की धामी सरकार हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने जा रही है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक न्याय विभाग से इसके लिए मिली अनुमति के बाद अधिवक्ता भी नियुक्त कर दिए गए हैं.
एसआइटी को सौंपी थी जांच
उद्यान विभाग में डॉ. एसएच बवेजा के निदेशक रहने के कार्यकाल के दौरान विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितता की बात सामने आई थी. जिसके बाद डॉ. बवेजा को
निलंबित कर दिया गया था. इसकी जांच एसआइटी को सौंपने के बाद डॉ. बवेजा के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की अनुमति मांगी गई थी. इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती (Deepak Kargeti) ने उद्यान विभाग में हुए घोटाले को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया.
याचिका में क्या कहा गया था?
सामाजिक कार्यकर्ता दीपक करगेती ने याचिका में कहा था कि उद्यान विभाग में लाखों का घोटाला किया गया है. पौधरोपण में गड़बडियां की गई हैं. एक ही दिन में वर्कऑर्डर जारी कर उसी दिन जम्मू कश्मीर से पेड़ लाना दिखाया गया है. इसका भुगतान भी कर दिया गया. याचिकाकर्ता ने कहा गया कि इस पूरे मामले में कई वित्तीय और अन्य गड़बडियां हुई हैं इसलिए इसकी सीबीआई जांच कराई जाए. वहीं अब दीपक करगेती का कहना है कि सरकार करोड़ों रुपये के उद्यान घोटाले की जांच रुकवाने की कोशिश कर रही है.