चमोली के निर्माणाधीन टनल में लैंडस्लाइड, अचानक मलबा घुसने से कई मजदूर अंदर फंसे, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से अफरा-तफरी मच गई.

Uttarakhand Landslide in an under-construction tunnel in Chamoli rescue operation
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चमोली: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार शाम निर्माणाधीन टनल में अचानक पानी और मलबा घुसने से अफरा-तफरी मच गई. घटना मायापुर (पीपलकोटी) इलाके की है, जहां टीएचडीसी की टनल में निर्माण का काम चल रहा था. शाम करीब 7:05 बजे टनल में अचानक पानी का तेज बहाव आने और मलबा भरने की जानकारी मिली. उस समय कई मजदूर टनल के अंदर काम कर रहे थे, जिनमें से कुछ वहीं फंस गए.

घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. शुरुआत में टनल के अंदर 18 से 19 मजदूरों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी. हालांकि, रेस्क्यू अभियान के दौरान कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. प्रशासन के ताजा अपडेट के अनुसार, अब तक 16 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है. बाकी लोगों को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान जारी है.

अचानक पानी आने से मची अफरा-तफरी

बताया जा रहा है कि मजदूर टनल के अंदर निर्माण कार्य कर रहे थे. इसी दौरान अचानक पानी का तेज बहाव आने लगा. कुछ ही देर में टनल के एक हिस्से में पानी और मलबा भर गया. इससे वहां मौजूद मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों ने बाहर निकलने की कोशिश की.

घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्रशासन को जानकारी दी गई. पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे और टनल में फंसे मजदूरों को बाहर निकालने का काम शुरू किया.

टनल के अंदर फंसे मजदूरों की संख्या को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई. शुरुआत में 18 से 19 लोगों के फंसे होने की बात कही गई. इसके बाद कुछ मजदूरों के बाहर निकलने की जानकारी सामने आई. प्रशासन ने बाद में बताया कि 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. अब बाकी लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बचाव टीमों की प्राथमिकता है.

डीएम गौरव कुमार खुद मौके पर पहुंचे

घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों और बचाव टीमों से पूरे हालात की जानकारी ली. डीएम ने रेस्क्यू में लगी टीमों को तेजी और आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं.

जिला प्रशासन की ओर से टनल के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. बचाव दलों को जरूरी सामान और दूसरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि अंदर फंसे लोगों तक जल्द पहुंचा जा सके.

सेना और एनडीआरएफ-एसडीआरएफ की टीमें जुटीं

रेस्क्यू अभियान में कई एजेंसियों को लगाया गया है. जिला प्रशासन और पुलिस के अलावा एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और सेना की टीमें भी मौके पर बचाव कार्य में जुटी हैं. स्थानीय पुलिस, सीआईएसएफ और अन्य टीमें भी अभियान में मदद कर रही हैं.

पानी और मलबे के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं. इसके बावजूद सभी टीमें लगातार अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटी हुई हैं.

कुछ मजदूर अस्पताल भेजे गए

सुरक्षित बाहर निकाले गए कुछ मजदूरों को जांच के लिए अस्पताल भेजा गया है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, कम से कम दो मजदूरों को जिला अस्पताल गोपेश्वर ले जाया गया है. जरूरत पड़ने पर अन्य मजदूरों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं.

फिलहाल प्रशासन की ओर से मजदूरों की हालत को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है. राहत की बात है कि अब तक 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है.

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