स्वस्थ नागरिक ही बनाएंगे विकसित भारत... भारत 24 के मंच से अनुप्रिया पटेल ने रखा हेल्थकेयर का विजन

बनारस: भारत 24 के खास कार्यक्रम 'Viksit Uttar Pradesh Kashi Samvad 2026' में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शिरकत की. इस दौरान पीएम मोदी के कामों तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे काम सहित अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई.

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बनारस: भारत 24 के खास कार्यक्रम 'Viksit Uttar Pradesh Kashi Samvad 2026' में केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शिरकत की. इस दौरान पीएम मोदी के कामों तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे काम सहित अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. 

उन्होंने कहा कि देश के माननीय प्रधानमंत्री जी हम सबके प्रेरणा स्रोत आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी का यह संसदीय क्षेत्र है. और सबसे बड़ी बात जो आज अपनी बात को आगे बढ़ाने से पहले कहना चाहती हूं क्योंकि मैं भी एक जनप्रतिनिधि हूं. मेरा अपना संसदीय क्षेत्र मिर्जापुर वाराणसी से लगा हुआ है. वाराणसी के निकट है और चुने हुए जनप्रतिनिधि के लिए उसके मतदाताओं के बीच में निरंतर उपस्थित रहना एक बहुत बड़ा दायित्व होता है. 

"तमाम व्यस्तताओं के बीच पीएम मोदी काशी आते रहते हैं"

अनुप्रिया पटेल आगे कहा कि माननीय प्रधानमंत्री जी की किस स्तर की अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय सभी प्रकार की व्यस्तताएं हैं. हम सभी जानते हैं. लेकिन मैं समझती हूं कि भारत की राजनीति में जो भी चुने हुए जनप्रतिनिधि हैं उन सब के लिए प्रधानमंत्री जी एक बहुत ही सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करते हैं कि अपनी तमाम व्यस्तताओं के बीच में भी वो काशी के अपने मतदाताओं के बीच में इन 12 वर्षों में नियमित रूप से आए हैं. उनसे मिलते रहे हैं. उनसे संवाद करते रहे हैं और लगातार जब भी वह आते हैं काशी को विकास की नई से नई सौगात देकर जाते हैं. आज विकसित उत्तर प्रदेश की हम बात कर रहे हैं. और उत्तर प्रदेश जो भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है. 26 करोड़ की आबादी है. 

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि जब हम 2047 के विकसित भारत का सपना देखते हैं तो उत्तर प्रदेश जैसे राज्य की तरक्की के बिना विकसित भारत के सपने को संकल्प होने की कल्पना करना भी बेईमानी है. और मुझे खुशी है यह कहते हुए कि उत्तर प्रदेश आज एक प्रगतिशील राज्य की छवि प्रस्तुत कर रहा है. उत्तर प्रदेश आज 1 ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनने की दिशा में बहुत तेजी से अग्रसर है. और 9 वर्षों का जो एनडीए सरकार का कार्यकाल रहा 2017 में जब हमारी सरकार बनी 2022 में दोबारा बनी. इन 9 वर्षों में निरंतर जो राज्य का सकल घरेलू उत्पाद है वो 13.3 लाख करोड़ से बढ़कर आज 40 लाख करोड़ पहुंच गया है. यानी तीन गुना हो चुका है. और लगातार राज्य में निवेश आ रहा है. औद्योगिक विकास हो रहा है. 50 लाख करोड़ से ज्यादा का निवेश आ चुका है. 

दुनिया में भारत का बढ़ रहा दबदबा

उन्होंने आगे कहा कि जो सरकारी आंकड़े हैं आज मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में जो देश भर में काम हो रहा है 50% वो काम उत्तर प्रदेश के अंदर होता है. इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स जो देश में बन रहे हैं उसका 55% उत्पादन आज उत्तर प्रदेश में होता है. तो उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है. औद्योगिक विकास गति पकड़ चुका है. देश की जीडीपी में उत्तर प्रदेश का योगदान 9% का है और देश के कुल निर्यात में 11% का है और इसलिए उत्तर प्रदेश की यह बदलती हुई तस्वीर हमें विकसित भारत के अपने लक्ष्य के और नजदीक लेकर जाती है. लेकिन जब हम एक तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था की बात करते हैं, औद्योगिक विकास की बात करते हैं तो भारत की स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री होने के नाते मैं कहना चाहूंगी कि जब तक उत्तर प्रदेश का नागरिक स्वस्थ नहीं होगा तब तक अर्थव्यवस्था की जो तेज रफ्तार है वो लगातार बनी नहीं रह सकती है और और इसलिए स्वस्थ उत्तर प्रदेश को हमने एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना है. 

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि अगर विकसित भारत के लिए स्वस्थ भारत जरूरी है तो विकसित उत्तर प्रदेश के लिए स्वस्थ उत्तर प्रदेश जरूरी है. और उत्तर प्रदेश से लेकर देश का हर नागरिक स्वस्थ हो. यह मेरे मंत्रालय की प्राथमिकता है. मेरी सरकार की प्राथमिकता है और हमारी सरकार ने स्वास्थ्य का विषय जिसे तमाम सरकारों ने एक गैर जरूरी विषय बनाकर रखा हुआ था. आज हमने उसे अपने सरकार के कामकाज के केंद्र में लाकर खड़ा किया है. और जब हम यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की बात करते हैं. यानी देश के एक-एक नागरिक के पास किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की पहुंच हो. तो यह अब कोई कागजी बात नहीं है बल्कि यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के संकल्प को हमने धरातल पर उतारना प्रारंभ कर दिया है. देश की सरकार लगातार स्वास्थ्य के अपने बजट को बढ़ा रही है. 

"स्वास्थ्य बजट 36000 करोड़ से बढ़कर 1,06,530 करोड़ रुपये"

अनुप्रिया पटेल ने इसके आगे कहा कि 12 वर्षों में हमारा स्वास्थ्य का बजट आज 36000 करोड़ से बढ़कर 1,06,530 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. और क्योंकि सरकार लगातार स्वास्थ्य पर अपने बजट को बढ़ा रही है. इसलिए आम नागरिक की जेब से होने वाला खर्च लगातार कम होता जा रहा है. और इसमें हमारे बहुत सारे ऐसे कार्यक्रम हैं, ऐसी योजनाएं हैं जिनका इसमें योगदान है. आज अगर आप एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जो फर्स्ट कांटेक्ट पॉइंट है किसी भी नागरिक के लिए एक आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर जाएंगे देश में आज ऐसे 1,78,154 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं और उत्तर प्रदेश के अंदर 28,000 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं. और ये पूरा नेटवर्क जो इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का फैला हुआ है. आज एक छोटी सी प्राथमिक स्वास्थ्य की इकाई पर हम 12 सेवाओं का पूरा पैकेज दे रहे हैं. और इसका लाभ क्या हुआ है? इसका असर यह हुआ है कि एक सामान्य नागरिक को किसी छोटी मोटी बीमारी के लिए उसे कोई मौखिक स्वास्थ्य की समस्या हो, उसे ईएनटी की समस्या हो या उसे आई केयर की आवश्यकता हो, उसे फर्स्ट लेवल ट्रॉमा एंड इमरजेंसी केयर चाहिए हो, उसे गैर संचारी रोगों की जांच करानी हो, डायबिटीज, बीपी की जांच करानी हो. यह ऐसी तमाम जरूरी सेवाएं हैं जिसके लिए बड़े अस्पतालों में पहले लोग भागते थे. लेकिन जब हमने आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में इन स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा बढ़ा दिया. इस पैकेज को बड़ा कर दिया.

अनुप्रिया पटेल  ने कहा कि जहां केवल मात्र और शिशु स्वास्थ्य की सेवाएं ही उपलब्ध हुआ करती थी. तो आज बड़े अस्पतालों पर बोझ कम हुआ है. और एक सामान्य नागरिक को निशुल्क अपने घर के करीब सारी जरूरी जांच की सुविधाएं, इलाज की सुविधाएं सुनिश्चित हो चुकी और इसी प्रकार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एक ऐसी योजना जो दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम मानी जाती है. जिसमें आज हम 62 करोड़ लोगों को ₹ लाख के मुफ्त इलाज की सुविधा दे रहे हैं. यह सिर्फ एक योजना नहीं है बल्कि इस योजना का प्रभाव ऐसा है कि एक बहुत ही प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल है द लैंडसेट. द लसेट में अध्ययन किए गए और उसमें यह दर्शाया गया कि जब से यह योजना लागू हुई है तब से गंभीर बीमारियों के समय पर इलाज की जो टेंडेंसी है वो भारत में 90% तक बढ़ गई है और इसमें कैंसर जैसी गंभीर बीमारी शामिल है. ऐसा क्यों हुआ? ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पहले हमारे जो गरीब या मध्यम वर्गीय परिवार होते थे यदि उसमें किसी भी परिवार के सदस्य को कोई गंभीर बीमारी हो जाए तो वह पहले यह देखते थे यह सोचते थे ये चिंता करते थे कि हमारे पास इस गंभीर बीमारी के इलाज के लिए पैसे हैं कि नहीं और बहुत सारे ऐसे परिवार हैं जिसमें इन गंभीर बीमारियों के इलाज को केवल इसलिए टाल दिया जाता था क्योंकि उस परिवार के पास पास ऐसी गंभीर बीमारियों के खर्च को वहन करने की शक्ति नहीं होती. लेकिन आज वह परिस्थिति बदल चुकी है.

"गंभीर बीमारियों का इलाज संभव"

उन्होंने कहा कि द लसेट ने इसको उजागर किया है कि आज बहुत तेजी से समय पर ऐसी गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हुआ है और इसका यह फायदा है कि हमारे जो बहुत बड़े-बड़े अस्पताल हैं उन पर बोझ भी कम हुआ है और बीमारियां अपना गंभीर रूप धारण करने से पहले ही बीमारियों का इलाज हो पा रहा है. तो एक आम आदमी को एक बहुत बड़ा सुरक्षा कवच मिला है और उत्तर प्रदेश के अंदर अगर देश के अंदर 62 करोड़ इसके लाभार्थी हैं तो 6 करोड़ लाभार्थी उत्तर प्रदेश के अंदर आयुष्मान भारत योजना के हैं. आज बड़े पैमाने पर हमने आम आदमी की जेब से खर्च कम हो उसके लिए जन औषधि केंद्र देश के कोने-कोने में आज हम 20,000 जन औषधि केंद्र खोल चुके हैं. उत्तर प्रदेश के अंदर बहुत सारे जन औषधि केंद्र खुले हुए हैं. अमृत फार्मेसीस जो हम देश के हर बड़े टर्शरी केयर हॉस्पिटल में और मेडिकल कॉलेज में स्थापित कर रहे हैं. बनारस में भी है. 

अनुप्रिया पटेल ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में हर मेडिकल कॉलेज में हमने अमृत फार्मेसी स्टोर स्थापित किया है. और इसका लाभ यह है कि जो दवाएं हमें बाजार में बढ़े हुए दामों पर मिलती हैं, बहुत महंगी मिलती हैं, वो 50 से 90% तक कम दामों पर आज आम व्यक्ति को उपलब्ध है. और यह सभी तमाम सुविधाएं जो हैं, आम व्यक्ति के जेब से होने वाले खर्च में कटौती कर रही हैं. आज हम बड़े पैमाने पर टेक्नोलॉजी का उपयोग कर रहे हैं. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बात होती है. अभी फरवरी में हमारे देश में बहुत बड़ा इंडिया एआई इंपैक्ट समिट भी हुआ. आप सब ने देखा होगा टीवी में, मीडिया में, अखबारों में तमाम बड़े-बड़े देशों के हेड्स ऑफ स्टेट्स, हेड्स ऑफ गवर्नमेंट बहुत बड़े-बड़े ग्लोबल कंपनीज उस एआई इंडिया इंपैक्ट समिट में आई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग आज हर क्षेत्र में हो रहा है. एग्रीकल्चर से लेकर, एजुकेशन से लेकर, हेल्थ केयर हर अलग-अलग क्षेत्र में हो रहा है. लेकिन आपके लिए गर्व की बात होनी चाहिए कि आज भारत के अंदर स्वास्थ्य सेवाओं में हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करना प्रारंभ किया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल्स को हम जिस तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं उससे आम जन को बहुत लाभ हो रहा है.

टीबी मुक्त भारत का संकल्प 

उन्होंने इसका उदाहरण देते हुए कहा कि आप कई बार सुनते होंगे टीबी मुक्त भारत. भारत को हमें टीबी मुक्त करना है. पर क्या भारत को टीबी मुक्त करना इतना आसान है? जो बीमारी हवा से फैलती है. यानी अगर टीबी का बैक्टीरिया मेरे अंदर है तो मेरे बोलने से, खांसने से, छीपने से वो ड्रॉपलेट्स के माध्यम से वो बैक्टीरिया हवा में आता है. और कोई भी दूसरा व्यक्ति उसके शरीर में वह बैक्टीरिया प्रवेश कर सकता है. भारत की आबादी 146 करोड़ है और सघन आबादी है. लोग बहुत नजदीक से रहते हैं. और आप सोचिए कि ऐसे देश के अंदर हमने टीबी मुक्त भारत बनाने का सपना देखा है. लेकिन भारत सरकार ने जो संकल्प लिया है उसको हम पूरा भी करेंगे और जब हम टीबी के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं तो हमने इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया है. इस समय हमारा दूसरे चरण का सघन टीवी अभियान चल रहा है. जिसमें हमने शहरी वार्डों पर जांच और स्क्रीनिंग को केंद्रित किया है कि कोई भी हमारा शहरी वार्ड जो है ऐसा ना रहे जिसमें किसी भी व्यक्ति की जांच ना हुई हो. खासतौर से ऐसे लोगों की जिन्हें हम वनरेबल पपुलेशन कहते हैं जिनको ज्यादा जोखिम होता है. सबकी हमें जांच करनी है. 

अनुप्रिया पटेल ने आगे कहा कि सिम्टमोमेटिक हो जिसके अंदर लक्षण हो, जिसके अंदर लक्षण नहीं हो. सबकी पहचान करनी है ताकि सबको सही समय पर उपचार पर हम डाल सके. इससे पहले हमने 2024 के अंत में भी एक सघन टीवी अभियान चलाया था. इन दोनों अभियानों में हमने क्या किया? हमने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पावर हैंड हेल्ड एक्सरे डिवाइसेस का उपयोग किया और इसका यह लाभ हुआ कि कम्युनिटी के अंदर-अंदर जाकर दूरदराज के इलाकों में जाकर सघन आबादी के बीच में जाकर हमने बड़े पैमाने पर टीबी के ऐसे रोगियों की पहचान की जो नए टीबी पेशेंट्स हैं जिनको लक्षण हैं और ऐसे भी बहुत सारे पेशेंट्स जिनको लक्षण नहीं है जो है और इन सबको हम इन सबका हम उपचार ट्रीटमेंट प्रारंभ कर चुके हैं. तो देश में आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भी बड़े पैमाने पर उपयोग हो रहा है. मैंने जिन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का आपसे जिक्र किया उत्तर प्रदेश में भी 28,000 है. 

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का फायदा

उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अगर आप इन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर जाकर देखेंगे तो एक सामान्य नागरिक जो गांव में रहने वाला है और जो दूर किसी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल या बड़े अस्पताल में चलकर नहीं जा सकता और उसे कोई बीमारी है और वो एक विशेषज्ञ का परामर्श लेना चाहता है तो आयुष्मान आरोग्य मंदिर में बैठा हुआ एक सीएचओ उसका एक वर्चुअल कंसल्टेशन कराता है एक विशेषज्ञ के साथ और यह जो टेलीकंसल्टेशन होता है जिसे हम ई संजीवनी कहते हैं. टेलीमेडिसिन कहते हैं. एक गांव में बैठा हुआ व्यक्ति उसके सिम्टम्स को एआई टूल्स के माध्यम से एनालाइज करके उसके क्या डिफरेंशियल डायग्नोसिस हो सकती है और उसे किस स्पेशलिस्ट से कनेक्ट करने की जरूरत है. इसको तय करने में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के टूल्स का उपयोग हो रहा है. तो आप सोचिए कि एक डॉक्टर का समय बचता है, मरीज का समय बचता है और कैसे एक स्पेशलिस्ट और एक मरीज आपस में कनेक्ट होते हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जो हेल्थ केयर की डिलीवरी है उसे कितना तेज और कितना आसान बना दिया है और कितनी सहूलियत दी है. ऐसे बहुत सारे प्रयोग आज हो रहे हैं. स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत तेजी से देश बदल रहा है. 

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि हमने मेडिकल एजुकेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर को भी बढ़ाया है और आप जानते हैं कि देश भर में बड़े पैमाने पर नए मेडिकल कॉलेजेस की स्थापना की गई है. कभी 12 साल पहले की मैं बात करूं तो हमारे देश में 387 मेडिकल कॉलेजेस हुआ करते थे. लेकिन आज हमारे पास 820 मेडिकल कॉलेज इस देश में हैं और उत्तर प्रदेश के अंदर हम वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज हर जिले के अंदर एक मेडिकल कॉलेज भारत सरकार और राज्य सरकार ने मिलकर इसको स्थापित किया है. तो स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार संवर्धन किया जा रहा है. स्वस्थ उत्तर प्रदेश बने, स्वस्थ भारत बने. स्वस्थ उत्तर प्रदेश से विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित उत्तर प्रदेश से विकसित भारत का निर्माण हो. यही हमारा प्रयास है. लेकिन इस प्रयास में आप जैसे नागरिकों के योगदान की भी आवश्यकता है. 

नागरिकों से अनुप्रिया पटेल ने की अपील 

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि आपको स्वस्थ बनाने के लिए सरकार बहुत सारे प्रयास कर रही है. राज्य की भी, केंद्र की भी. लेकिन यहां जितने भी नागरिक गण बैठे हुए हैं, मैं आप सभी को कहना चाहती हूं कि आपको भी माय हेल्थ, माय रिस्पांसिबिलिटी, मेरा स्वास्थ्य, मेरी जिम्मेदारी यह मूल मंत्र अपनाना होगा और आपको भी बहुत कुछ करना होगा जिससे आप स्वस्थ रहें, तंदुरुस्त रहें और इसके लिए आप कैसा आहार लेते हैं वो संतुलित है या नहीं? पोषण युक्त है या नहीं यह आपको तय करना होगा. तेल, नमक, चीनी आज सबको हमें कम करने की आवश्यकता है. प्रधानमंत्री जी ने लाल किले की प्राचर से मोटापे के विरुद्ध जंग का ऐलान किया है. और भारत में ओबेसिटी यानी मोटापा बहुत तेजी से बढ़ रहा है. लगभग 24% पुरुष और 24% महिलाएं हैं जो आज मोटापे से ग्रस्त हैं. यहां तक कि जो छोटे-छोटे बच्चे हैं, वह भी ओबेसिटी का मोटापे का शिकार हो रहे हैं. इसलिए आप सबको मैं कहूंगी कि माय हेल्थ, माय रिस्पांसिबिलिटी, मेरा स्वास्थ्य, मेरा दायित्व इसके तहत तेल, नमक और चीनी के सेवन को कम करिए. किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ के सेवन को अपने जीवन से टाटा बाय-ब कर दीजिए. सिगरेट, बीड़ी, शराब, तंबाकू जो भी आप खाते हैं, नहीं खाते हैं तो बहुत अच्छा है. नहीं खाते हैं तो आसपास के लोगों को प्रेरित करिए. 

अनुप्रिया पटेल ने कहा कि लेकिन किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना यह स्वस्थ भारत और विकसित भारत की ओर हम सबका सबसे बड़ा योगदान होगा. अपने पर्यावरण को संरक्षित रखें. जल संरक्षण के साथ-साथ सिंगल यूज प्लास्टिक को नहीं यूज करना है. यह हम सबका दायित्व है. और अभी हमने एक पेड़ मां के नाम इस मुहिम को भी प्रारंभ किया है. यह हमें अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए करना है. हम साफ स्वच्छ हवा में सांस ले सके. पानी स्वच्छ हो. हमारी धरा स्वस्थ हो. यह हम सबका दायित्व है. और आप सभी अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच भी कराते रह. यह भी उतना ही जरूरी है क्योंकि हम एक ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां जीवन शैली से जुड़ी हुई बीमारियां आज हर घर में दस्तक दे चुकी हैं. 

गलत खाने पीने की आदतों का नुकसान

उन्होंने कहा कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर, किडनी डिजीजेस हर परिवार में यह एक बहुत बड़ी समस्या बन चुकी है. और इसके पीछे हमारा सेडेंटरी लाइफ स्टाइल है. हमारे गलत खाने पीने की आदतें हैं और हमारे पर्यावरण की गिरती हुई सेहत है. मैं समझती हूं कि अगर आपने इन सब बातों पर ध्यान दिया तो निश्चित रूप से माय हेल्थ माय रिस्पांसिबिलिटी के मंत्र के साथ आगे बढ़ते हुए आप सभी स्वस्थ उत्तर प्रदेश स्वस्थ भारत और विकसित भारत का निर्माण करने में हमारा सहयोग करेंगे और हमारी सरकार यह कहती है कि देश के प्रति कोई भी लक्ष्य जन भागीदारी के बिना कभी पूरा नहीं हो सकता है. तो आइए हम सब मिलकर संकल्प लें कि हम विकसित भारत एट 2047 के लिए अपनी पूरी ऊर्जा झोंकने के लिए सदैव तत्पर रहेंगे.

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