एशेज 2025-26 के बीच भावुक विदाई, सिडनी टेस्ट बनेगा उस्मान ख्वाजा के करियर का आखिरी अध्याय

एशेज सीरीज 2025-26 अपने निर्णायक मोड़ पर है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पांचवां और अंतिम टेस्ट 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में शुरू होगा.

Usman Khawaja Retires at age of 39 last match will be sydney
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एशेज सीरीज 2025-26 अपने निर्णायक मोड़ पर है. ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पांचवां और अंतिम टेस्ट 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में शुरू होगा. ऑस्ट्रेलियाई टीम पहले ही एशेज अपने नाम कर चुकी है और उसकी नजरें सीरीज को 4-1 से खत्म करने पर टिकी हैं. वहीं इंग्लैंड की कोशिश सम्मान बचाने की होगी. लेकिन इस मुकाबले से पहले क्रिकेट जगत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है.

ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने अंतरराष्ट्रीय टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. 39 वर्षीय ख्वाजा के लिए सिडनी टेस्ट सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि उनके लंबे और संघर्षभरे टेस्ट करियर का आखिरी पड़ाव होगा.

सिडनी में आखिरी बार सफेद जर्सी में उतरेंगे ख्वाजा

उस्मान ख्वाजा ने शुक्रवार सुबह सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अपने रिटायरमेंट की घोषणा की. इस खास मौके पर उनके माता-पिता, पत्नी रेचल और दोनों बच्चे भी मौजूद रहे. उन्होंने अभ्यास सत्र से ठीक पहले टीम के साथियों को अपने फैसले की जानकारी दी. सिडनी टेस्ट उनके टेस्ट करियर का 88वां मुकाबला होगा, जो उसी मैदान पर खेला जाएगा जहां उन्होंने अपने करियर के सबसे यादगार पल जिए हैं. ख्वाजा ने साफ किया कि वह टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह रहे हैं, लेकिन क्रिकेट से पूरी तरह दूर नहीं होंगे. वह घरेलू क्रिकेट और टी20 फॉर्मेट में खेलते रहेंगे और ब्रिसबेन हीट (BBL) व क्वींसलैंड टीम (शेफील्ड शील्ड) के लिए उपलब्ध रहेंगे.

पाकिस्तान से सिडनी तक का सफर

इस्लामाबाद में जन्मे उस्मान ख्वाजा बचपन में अपने परिवार के साथ ऑस्ट्रेलिया आकर बस गए थे. सिडनी ही वह शहर रहा, जहां उन्होंने अपने क्रिकेट सपनों को आकार दिया. 2008 में फर्स्ट क्लास क्रिकेट और 2011 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले ख्वाजा के लिए एससीजी हमेशा खास रहा है. ऐसे में इसी मैदान पर करियर का आखिरी टेस्ट खेलना उनके लिए भावनात्मक अनुभव बन गया है.

संन्यास की घोषणा पर छलके आंसू

अपने फैसले पर बात करते हुए ख्वाजा खुद को भावनाओं से रोक नहीं पाए. उन्होंने कहा कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि रिटायरमेंट की बात करते हुए वह रो पड़ेंगे, लेकिन जैसे ही उन्होंने टीम को अपने फैसले के बारे में बताया, उनकी आंखें भर आईं. उनके मुताबिक यह सफर आसान नहीं था, लेकिन बेहद खास रहा. ख्वाजा का करियर उतार-चढ़ाव से भरा रहा. कई बार उन्हें टीम से बाहर किया गया, चोटों ने परेशान किया और एक दौर ऐसा भी आया जब उनका टेस्ट औसत 25 से नीचे चला गया था. इसके बावजूद उन्होंने हर बार वापसी की और खुद को साबित किया.

यादगार पारियां और शानदार वापसी

2018 में पाकिस्तान के खिलाफ दुबई टेस्ट में खेली गई 141 रन की पारी को ख्वाजा के करियर की सबसे जुझारू पारियों में गिना जाता है. वहीं 2021-22 की एशेज सीरीज में सिडनी टेस्ट के दौरान लगाए गए दो शतक उनके करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुए. इसके बाद अगले चार वर्षों में वह ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने.

सिर्फ क्रिकेटर नहीं, एक पहचान भी

उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के पहले मुस्लिम टेस्ट क्रिकेटर हैं. उन्होंने न सिर्फ मैदान पर रन बनाए, बल्कि नस्लभेद के खिलाफ खुलकर आवाज भी उठाई. दक्षिण एशियाई मूल के खिलाड़ियों के लिए बेहतर अवसरों की बात करने वाले ख्वाजा ने कहा कि एक पाकिस्तानी मूल के मुस्लिम खिलाड़ी के तौर पर उन्हें कभी कहा गया था कि वह ऑस्ट्रेलिया के लिए नहीं खेल पाएंगे, लेकिन उन्होंने इस सोच को गलत साबित किया.

आंकड़ों में ख्वाजा का करियर

उस्मान ख्वाजा ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 87 टेस्ट मैचों में 6206 रन बनाए, जिसमें 16 शतक और 28 अर्धशतक शामिल हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत 43.39 रहा. इसके अलावा उन्होंने 40 वनडे मैचों में 1554 रन बनाए, जहां उनका औसत 42.00 रहा और उनके नाम 2 शतक व 12 अर्धशतक दर्ज हैं. टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 9 मैच खेलकर 241 रन बनाए.

एक प्रेरणादायक अंत

सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाने वाला यह टेस्ट सिर्फ एशेज सीरीज का आखिरी मुकाबला नहीं होगा, बल्कि उस्मान ख्वाजा के संघर्ष, धैर्य और आत्मविश्वास से भरे सफर का प्रतीकात्मक अंत भी होगा. क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह मैच एक ऐसे खिलाड़ी की विदाई होगी, जिसने हार नहीं मानी और अपनी पहचान खुद बनाई.

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