US-Iran War:अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य तनाव तेज हो गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं. अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने आधिकारिक बयान जारी कर कार्रवाई की पुष्टि की है. बताया जा रहा है कि अबू मूसा द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार समेत कई अहम इलाकों को निशाना बनाया गया. चाबहार में हमलों के बाद बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होने की खबर है. इस बीच ईरान में आज ही सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही हैं.
अमेरिका ने जहाजों पर हमले का बदला बताया
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह सैन्य कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अंतरराष्ट्रीय जहाजों पर हुए हालिया हमलों के जवाब में की गई है. वॉशिंगटन का आरोप है कि इन घटनाओं के लिए ईरान जिम्मेदार है और समुद्री सुरक्षा को खतरे में डाल रहा है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भारतीय समयानुसार रात करीब 1:45 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान जारी कर कहा कि सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के उद्देश्य से अतिरिक्त अभियान शुरू किया है. अमेरिका ने दोहराया कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है.
ईरान के कई शहरों में धमाकों की खबर, एयर डिफेंस हुआ सक्रिय
ईरानी मीडिया के अनुसार सिरिक, बुशहर, कोनारक और चाबहार समेत कई क्षेत्रों में जोरदार विस्फोट सुने गए हैं. सुरक्षा एजेंसियों ने कई इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक सिरिक के बंदरगाह क्षेत्र को भी निशाना बनाया गया. इससे पहले 8 जुलाई की रात भी अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ कार्रवाई की थी. जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया.
ईरान की चेतावनी
ईरान के सुप्रीम लीडर के सैन्य सलाहकार मोहसिन रेज़ाई ने सोशल मीडिया पर कुरान की एक आयत साझा करते हुए कहा कि हमले करने वाले दुश्मनों और उनके सहयोगियों को इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा. इस बयान के बाद क्षेत्र में हालात और अधिक संवेदनशील माने जा रहे हैं.
ट्रंप बोले- दोबारा हमला हुआ तो जवाब और सख्त होगा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि यह कदम जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में उठाया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो अमेरिका पहले से अधिक कड़ी कार्रवाई करेगा. गौरतलब है कि ट्रंप ने एक दिन पहले ही संकेत दे दिए थे कि ईरान के साथ लागू संघर्षविराम अब समाप्त माना जाए और जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई की जाएगी.
हालिया समझौता भी नहीं रोक पाया टकराव
दोनों देशों के बीच 17 जून को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हुए थे, जिससे उम्मीद जताई जा रही थी कि लंबे समय से चला आ रहा विवाद शांत हो जाएगा. समझौते के बाद विभिन्न मुद्दों पर आगे बातचीत होनी थी, लेकिन वार्ता किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी. विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने रहे, जिसने एक बार फिर तनाव को बढ़ा दिया. इसी बीच ईरान अपने सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की तैयारियों में भी व्यस्त है, जिनका अंतिम संस्कार आज किया जाना प्रस्तावित है.