US Iran Talks: स्विट्जरलैंड में रविवार को अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुई शांति वार्ता के पहले दौर में अचानक तनाव बढ़ गया. बातचीत करीब 80 मिनट तक चली, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुछ समय के लिए बैठक छोड़कर बाहर चला गया. हालांकि ईरान ने साफ किया कि बातचीत खत्म नहीं हुई है, बल्कि केवल अस्थायी रूप से रोकी गई है.
वार्ता में कौन-कौन हुआ शामिल?
अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मौजूद थे, जबकि ईरान का प्रतिनिधित्व संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने किया. यह बैठक दोनों देशों के बीच हुए हालिया अंतरिम समझौते के बाद आयोजित की गई थी.
बैठक से पहले गालिबाफ ने कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात की. इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
अमेरिका पर शर्तें पूरी न करने का आरोप
ईरान ने बातचीत शुरू होने से पहले कहा कि अमेरिका को पहले समझौते की शर्तों का पालन करना चाहिए. ईरान का आरोप है कि अमेरिका अभी तक लेबनान में इजराइली सैन्य कार्रवाई को रोकने में सफल नहीं हुआ है.
ईरानी पक्ष का कहना है कि समझौते की पहली शर्त सभी मोर्चों पर युद्धविराम लागू करना था, जिसे अमेरिका पूरा नहीं कर पाया.
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
पहले दौर की बैठक में लेबनान की स्थिति, ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और विदेशों में फंसी ईरानी संपत्तियों की वापसी जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई.
ईरान ने दावा किया कि उसके तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों में राहत देने को लेकर एक प्रारंभिक मसौदा तैयार किया गया है. वहीं कतर की मदद से ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करने पर भी बातचीत हुई.
ट्रंप के बयान से बढ़ा विवाद
बैठक के दौरान तनाव तब बढ़ा जब राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह लेबनान में अपने समर्थक समूहों की गतिविधियों को रोके. ट्रंप ने कहा कि यदि ईरान ने हालात नहीं संभाले तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
उनके इस बयान पर ईरानी प्रतिनिधिमंडल नाराज हो गया और कुछ समय के लिए बैठक छोड़कर बाहर चला गया. बाद में गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका को अपने बयानों में संयम बरतना चाहिए और ईरान किसी भी स्थिति का जवाब देने के लिए तैयार है.
आगे भी जारी रहेगी बातचीत
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ऐसी संवेदनशील वार्ताओं में मतभेद होना सामान्य बात है और बातचीत आगे बढ़ रही है.
हालांकि इस विवाद के चलते दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच प्रस्तावित संयुक्त फोटो और हैंडशेक कार्यक्रम रद्द कर दिया गया.
वहीं लेबनान में स्थिति फिलहाल शांत बनी हुई है, लेकिन इजराइल ने साफ कर दिया है कि दक्षिणी लेबनान में बनाई गई सुरक्षा पट्टी को अभी हटाने की कोई योजना नहीं है.