अमेरिका के नए राजदूत सर्जियो गोर का दिल्ली दौरा, भारत-US के रिश्तों पर क्या बोले? जानें

US Ambassador Sergio Gor India Visit: एक तरफ वॉशिंगटन से टैरिफ की धमकियों की गूंज सुनाई दे रही है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली में अमेरिकी कूटनीति का नया चेहरा बेहद सौम्य और सकारात्मक नजर आ रहा है.

US Ambassador Sergio Gor India Visit incredible opportunity ahead remarks on tweet
Image Source: ANI

US Ambassador Sergio Gor India Visit: एक तरफ वॉशिंगटन से टैरिफ की धमकियों की गूंज सुनाई दे रही है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली में अमेरिकी कूटनीति का नया चेहरा बेहद सौम्य और सकारात्मक नजर आ रहा है. अमेरिका के नवनियुक्त राजदूत सर्जियो गोर ऐसे समय भारत पहुंचे हैं, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत को लेकर कड़े बयान दे रहे हैं और भारी-भरकम टैरिफ लगाने की चेतावनी दे चुके हैं. इसके बावजूद गोर की भाषा और अंदाज़ पूरी तरह अलग दिखाई दे रहा है.


शुक्रवार को भारत पहुंचे सर्जियो गोर ने आते ही उत्साह से भरा संदेश दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत में फिर से आकर बेहद खुशी हो रही है. हमारे दोनों देशों के लिए आगे अपार अवसर हैं.” उनका यह बयान व्हाइट हाउस से आ रही सख्त बयानबाज़ी से बिल्कुल उलट नजर आया और कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया.

टैरिफ बिल से बढ़ी चिंता

गोर का यह आशावादी संदेश ऐसे समय सामने आया है, जब उससे एक दिन पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने एक ऐसे बिल को मंजूरी दी, जिसमें रूसी तेल आयात करने वाले देशों पर कम से कम 500 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है. इस कदम को सीधे तौर पर दंडात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है. भारत समेत वे तमाम देश, जो रियायती दरों पर रूसी कच्चा तेल खरीद रहे हैं, इस प्रस्ताव से असहज महसूस कर रहे हैं.

अमेरिकी सीनेटर का सख्त संदेश

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने भी इस बिल को लेकर खुलकर बयान दिया है. उनका कहना है कि यह कानून अमेरिका को चीन, भारत और ब्राज़ील जैसे देशों पर भारी दबाव बनाने का मौका देगा, ताकि वे रूस से तेल खरीदना बंद करें. यह बयान गोर की साझेदारी और अवसरों वाली बातों से बिल्कुल विपरीत दिशा में जाता हुआ दिखाई देता है.

12 जनवरी से आधिकारिक कार्यभार

सर्जियो गोर को नवंबर में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राजदूत के तौर पर शपथ दिलाई गई थी और वे 12 जनवरी से औपचारिक रूप से भारत में अपना कार्यकाल शुरू करेंगे. अगस्त में राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें भारत में अमेरिका का राजदूत और दक्षिण व मध्य एशिया के लिए विशेष दूत नामित किया था.

ट्रंप का भरोसा और भारत की अहमियत

गोर के शपथ ग्रहण के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहद अहम बताते हुए नए राजदूत पर भरोसा जताया था. ट्रंप ने कहा था कि वह सर्जियो गोर पर भारत के साथ अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंप रहे हैं. उन्होंने भारत को वैश्विक मंच पर एक अहम साझेदार बताया और भारतीय नेताओं के साथ गोर के अच्छे संबंधों की भी सराहना की.

भारत दौरे और शीर्ष नेताओं से मुलाकात

राजदूत का पद संभालने से पहले गोर अक्टूबर में भारत आए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मुलाकात की थी. बाद में ट्रंप ने कहा था कि भारतीय नेतृत्व ने गोर को लेकर खास दिलचस्पी दिखाई और उन्हें उनका अंदाज़ पसंद आया.

भारत-अमेरिका रिश्तों पर गोर की राय

सीनेट की विदेश संबंध समिति के सामने सितंबर में हुई पुष्टि सुनवाई के दौरान गोर ने भारत को अमेरिका के लिए दुनिया के सबसे अहम साझेदारों में से एक बताया था. यही बात वे बार-बार दोहराते रहे हैं और अब भारत पहुंचकर भी उसी लाइन पर चलते नजर आ रहे हैं.

मुश्किल दौर में कूटनीतिक संतुलन

हालांकि गोर का यह सकारात्मक संदेश ऐसे समय में सामने आया है, जब भारत और अमेरिका के रिश्ते आसान नहीं कहे जा सकते. एक ओर वॉशिंगटन रूसी तेल को लेकर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है, तो दूसरी ओर नई दिल्ली अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वतंत्रता को प्राथमिकता दे रही है. ऐसे में सर्जियो गोर के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि वह सख्त अमेरिकी नीतियों और भारत के राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन कैसे साधते हैं.

यह भी पढ़ें: खामेनेई के देश में गरजेगी ट्रंप की सेना? ईरानी लोगों की मदद करने के लिए बढ़ाया हाथ