डिजिटल पेमेंट के दौर में जहां UPI ने लेन-देन को बेहद आसान बना दिया है, वहीं इसके कुछ फीचर्स को लेकर अब नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने बड़ा कदम उठाया है. NPCI ने UPI का ‘Collect Request’ फीचर पूरी तरह बंद करने का फैसला किया है.
यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे फ्रॉड्स की बढ़ती घटनाएं और यूजर्स की सुरक्षा मुख्य वजह रही है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस बदलाव का असर क्या होगा, क्यों ज़रूरी था यह कदम, और अब आम यूजर्स को क्या करना चाहिए.
क्यों हटाया गया ‘Collect Request’ फीचर?
UPI का Collect Request फीचर ऐसा विकल्प था, जिसमें कोई व्यक्ति या व्यापारी आपके अकाउंट से पैसे मंगवा सकता था और आपको सिर्फ एक क्लिक से उसे अप्रूव करना होता था. हालांकि, हाल के महीनों में देखा गया कि साइबर ठग इसी सुविधा का दुरुपयोग कर रहे थे. लोग धोखे में रिक्वेस्ट अप्रूव कर देते थे और उनके अकाउंट से पैसे कट जाते थे. कई बार यूजर्स को यह समझ भी नहीं आता कि वे पैसा भेज चुके हैं. इन्हीं कारणों से NPCI ने यह फैसला लिया है कि अब पेमेंट सिर्फ यूजर की पहल पर ही संभव होगा, यानी अब पैसे सिर्फ तभी ट्रांसफर होंगे जब आप ख़ुद उसे भेजें.
अब यूजर्स को क्या करना होगा?
जिन लोगों को पहले Collect Request भेजने की आदत थी, उन्हें अब थोड़ा बदलाव करना होगा. अब अगर आपको किसी से पैसे लेने हैं, तो आप. सीधे अपनी UPI ID, QR कोड, या बैंक अकाउंट नंबर शेयर कर सकते हैं. उधर से व्यक्ति खुद ही ट्रांजैक्शन करेगा.
NPCI की सलाह:
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