UP Supplementary Budget 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए विधानसभा में 59,019.54 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पेश कर दिया है. यह बजट ऐसे समय में लाया गया है जब राज्य सरकार कई नई विकास योजनाओं को गति देने और पहले से चल रही परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी में है. बजट पेश होने के दौरान सदन में विपक्ष की ओर से जोरदार हंगामा भी देखने को मिला, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया कि यह अतिरिक्त बजट राज्य की विकास आवश्यकताओं और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए जरूरी है.
विधानसभा में पेश हुआ अनुपूरक बजट
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया. इस बजट का कुल आकार 59,019.54 करोड़ रुपये रखा गया है. सरकार के अनुसार, यह राशि उन क्षेत्रों में खर्च की जाएगी जहां मौजूदा बजट आवंटन पर्याप्त नहीं है या नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता है.
बजट पेश किए जाने के दौरान समाजवादी पार्टी के विधायकों ने लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया. इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्षी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने की अपील भी की.
राजस्व और पूंजीगत व्यय के लिए अलग-अलग प्रावधान
सरकार द्वारा प्रस्तुत अनुपूरक बजट में 17,399.50 करोड़ रुपये राजस्व लेखे के व्यय के लिए प्रस्तावित किए गए हैं, जबकि 41,620.04 करोड़ रुपये पूंजी लेखे के तहत खर्च किए जाएंगे.
राजस्व व्यय के जरिए नियमित प्रशासनिक और संचालन संबंधी जरूरतों को पूरा किया जाएगा, जबकि पूंजीगत व्यय का उपयोग बुनियादी ढांचे, विकास परियोजनाओं और दीर्घकालिक निवेश से जुड़े कार्यों में किया जाएगा.
क्यों लाना पड़ा अनुपूरक बजट?
वित्त विभाग के अनुसार, मूल बजट में स्वीकृत राशि कई योजनाओं और विभागों की वास्तविक आवश्यकताओं के मुकाबले कम पड़ने की संभावना है. इसके अलावा, वर्ष के दौरान कुछ नई योजनाएं और विकास कार्य भी सामने आए हैं, जिनके लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधनों की जरूरत महसूस हुई.
इसी वजह से भारतीय संविधान के अनुच्छेद 205 के तहत अनुपूरक अनुदान की मांग विधानसभा के समक्ष रखी गई है. जिन नई मदों के लिए पहले से कोई बजटीय प्रावधान नहीं था, उन्हें 'प्रतीक मांग' (Token Demand) के रूप में शामिल किया गया है.
वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता पर जोर
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस अनुपूरक बजट के साथ उत्तर प्रदेश राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2004 की धारा 6(5) के तहत आवश्यक वित्तीय विवरण भी प्रस्तुत किए हैं.
सरकार का कहना है कि अतिरिक्त बजट पूरी पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन के साथ तैयार किया गया है, ताकि राज्य की विकास योजनाओं को बिना किसी वित्तीय बाधा के आगे बढ़ाया जा सके.
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