साल 2025 में खूब हुई धांय-धांय, यूपी पुलिस ने इतने अपराधियों का किया खात्मा, देखें योगी राज का पूरा डेटा

उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज़ हो गई है. राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया कि 2025 में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई की.

UP Police released data on the number of criminals and gangsters killed and injured in 2025
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज़ हो गई है. राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने हाल ही में इस बात का खुलासा किया कि 2025 में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कितनी कड़ी कार्रवाई की. साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से अब तक राज्य में कितने एनकाउंटर हुए, इन मुठभेड़ों में कितने अपराधी मारे गए और कितने घायल हुए हैं. आइए जानते हैं, इन आंकड़ों के बारे में जो यूपी पुलिस की सख्ती को दिखाते हैं.

2025 में कितने एनकाउंटर हुए?

उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने हाल ही में जानकारी दी कि साल 2025 में राज्य में पुलिस के साथ मुठभेड़ के दौरान कुल 48 अपराधी मारे गए हैं. यह आंकड़ा पिछले आठ सालों में सबसे अधिक है. इसके अलावा, 2025 में राज्य में कुल 2739 एनकाउंटर हुए हैं. इनमें 48 अपराधी मारे गए हैं और 3153 अपराधी घायल हुए हैं. डीजीपी ने यह भी बताया कि पुलिस इस साल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह से सक्रिय रही है.

2017 से अब तक के एनकाउंटर आंकड़े

राजीव कृष्ण ने यह भी बताया कि 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में पुलिस के साथ कुल 16,284 मुठभेड़ें हुई हैं. इन मुठभेड़ों में 266 अपराधी मारे गए हैं और 10,990 अपराधी घायल हुए हैं. ये आंकड़े यह दर्शाते हैं कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले कुछ वर्षों में अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है और राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं.

माफिया संपत्ति पर बड़ी कार्रवाई

उत्तर प्रदेश पुलिस ने माफिया और अपराधियों के खिलाफ केवल एनकाउंटर ही नहीं, बल्कि उनकी संपत्ति पर भी बड़ी कार्रवाई की है. राज्य पुलिस ने अब तक माफिया की 4137 करोड़ रुपये की संपत्ति या तो जब्त कर ली है या बुल्डोजर से ध्वस्त कर दी है. इसके अलावा, धार्मिक स्थलों से कुल 1,17,145 लाउडस्पीकर हटवाए गए हैं, और 1,85,468 लाउडस्पीकरों की आवाज को कम किया गया है.

पुलिस की सख्ती पर उठे सवाल

इन आंकड़ों के बाद सवाल उठते हैं कि क्या यह पुलिस की सख्ती सही दिशा में है, या इसके परिणामस्वरूप कहीं निर्दोष लोग तो नहीं परेशान हो रहे? हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि ये एनकाउंटर सिर्फ अपराधियों को कुचलने और समाज में सुरक्षा स्थापित करने के लिए किए गए हैं. पुलिस की ओर से यह भी कहा गया है कि यह कार्रवाई लगातार अपराधों की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए की जा रही है.

आगे की रणनीति और पुलिस का दृढ़ संकल्प

उत्तर प्रदेश पुलिस का कहना है कि उनकी कार्रवाई आगामी समय में और भी तेज़ होगी. डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस हर संभव कदम उठाएगी. इसके साथ ही, उन्होंने यह भी कहा कि एनकाउंटर के साथ-साथ पुलिस को जांच और कानूनी प्रक्रिया में भी पूरी पारदर्शिता रखनी होगी, ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को नुकसान न हो.

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