PoK में विद्रोह तेज! इस नेता को गिरफ्तार करने के बाद लोगों का फूटा गुस्सा, शहबाज-मुनीर को दी चेतावनी

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि उसके नेता शौकत नवाज मीर को धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया.

Unrest in PoK Public outrage erupts following the arrest JKJAAC Shaukat Nawaz Mir Shehbaz Munir
Image Source: Social Media

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच जम्मू-कश्मीर जॉइंट आवामी एक्शन कमेटी (JKJAAC) ने बड़ा दावा किया है. संगठन का कहना है कि उसके नेता शौकत नवाज मीर को धरना स्थल पर पहुंचने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया.

संगठन के मुताबिक, शौकत नवाज मीर को पकड़ने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों, पुलिस और दूसरे सुरक्षा बलों ने मिलकर कार्रवाई की. हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

संगठन ने क्या कहा?

जेकेजेएएसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि अगर शौकत नवाज मीर प्रदर्शन स्थल तक पहुंच जाते, तो आंदोलन को और मजबूती मिलती और ज्यादा लोग इससे जुड़ते. संगठन का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी का मकसद प्रदर्शनकारियों का हौसला कमजोर करना था.

संगठन ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि आम लोगों का आंदोलन है. इसलिए एक नेता की गिरफ्तारी से यह प्रदर्शन नहीं रुकेगा. संगठन ने लोगों से अपील की कि वे एकजुट रहें और आंदोलन का समर्थन जारी रखें.

आंदोलन जारी रखने की अपील

जेकेजेएएसी का कहना है कि शौकत नवाज मीर लंबे समय से लोगों के अधिकारों की आवाज उठाते रहे हैं. संगठन ने दावा किया कि इतिहास में कई जन आंदोलनों के दौरान गिरफ्तारियां और कार्रवाई होती रही हैं, लेकिन इससे आंदोलन खत्म नहीं होते. उनका कहना है कि मीर जल्द ही लोगों के बीच वापस आएंगे. संगठन ने यह भी कहा कि उनकी गिरफ्तारी के बावजूद आंदोलन पहले से ज्यादा मजबूत होगा और आखिर में जनता की जीत होगी.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने क्या कहा?

इस बीच, एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी पीओके में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर चिंता जताई है. संगठन ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया जा रहा है और लोगों की आवाज दबाई जा रही है.

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जेकेजेएएसी को आतंकवाद निरोधक कानून के तहत प्रतिबंधित संगठन घोषित करने के फैसले की भी आलोचना की. संगठन का कहना है कि यह कदम लोगों की शांतिपूर्ण तरीके से संगठन बनाने और अपनी बात रखने की आजादी के खिलाफ है.

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