यूक्रेन का रूस पर बड़ा ड्रोन हमला, पहली बार 1700 KM अंदर घुसकर Su-57 फाइटर जेट बेस को बनाया निशाना

यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी ड्रोन सेना ने रूस के भीतर 1700 किलोमीटर से अधिक अंदर घुसकर एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिया है.

Ukraine destroys base of Russian Su-57 stealth fighter jet First In War
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

कीव: यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी ड्रोन सेना ने रूस के भीतर 1700 किलोमीटर से अधिक अंदर घुसकर एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिया है. यह हमला चेल्याबिंस्क क्षेत्र में स्थित शागोल एयरबेस पर किया गया बताया जा रहा है, जहां रूस के आधुनिक लड़ाकू विमान Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट और Su-34 बमवर्षक तैनात थे.

यूक्रेन के अनुसार यह ऑपरेशन मौजूदा युद्ध में अब तक के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक है. इस कार्रवाई को रूस के लिए एक महत्वपूर्ण सैन्य झटका माना जा रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. यूक्रेनी खुफिया एजेंसियां फिलहाल इस हमले से हुए संभावित नुकसान का आकलन कर रही हैं.

रूस के भीतर गहराई तक पहुंचा ड्रोन हमला

यूक्रेन का दावा है कि ड्रोन हमले ने रूस के अंदर गहरे स्थित सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया. अगर यह जानकारी सही साबित होती है, तो यह पहली बार होगा जब यूक्रेन ने रूस के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमानों पर इस स्तर का हमला किया है.

रूस की ओर से अब तक इस नुकसान पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. हालांकि, चेल्याबिंस्क क्षेत्र के गवर्नर एलेक्सी टेक्सलर ने कहा है कि यह एक UAV (ड्रोन) हमला था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया. उन्होंने दावा किया कि इस घटना में किसी तरह की जनहानि या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है.

ड्रोन ट्रेनिंग बेस भी प्रभावित होने की खबर

स्थानीय सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुबह के समय रिहायशी इलाकों के ऊपर ड्रोन उड़ते देखे गए और कई जगह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं. चेल्याबिंस्क हायर मिलिट्री एविएशन स्कूल ऑफ नेविगेटर्स के पास भी विस्फोट जैसी आवाजें सुनाई दीं, जो रूस के लंबी दूरी के विमान और ड्रोन ऑपरेटरों के लिए एक अहम प्रशिक्षण केंद्र माना जाता है.

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ट्रेनिंग स्कूल के हैंगर और कुछ प्रशिक्षण सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है. इसके बाद स्थानीय अस्पतालों को इमरजेंसी मोड में काम करने के निर्देश दिए गए हैं.

पिछले ‘स्पाइडरवेब ऑपरेशन’ से तुलना

इससे पहले पिछले साल यूक्रेन ने ‘ऑपरेशन स्पाइडरवेब’ के तहत रूस के एयरबेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले का दावा किया था. उस ऑपरेशन में रूस के कई बॉम्बर विमानों को भारी नुकसान पहुंचाने की बात कही गई थी और अनुमान लगाया गया था कि इससे अरबों डॉलर का नुकसान हुआ.

उस अभियान की तैयारी कई महीनों तक चली थी और इसमें रूस के भीतर स्थित अलग-अलग एयरबेस को निशाना बनाया गया था. यूक्रेन का कहना था कि इस ऑपरेशन की निगरानी देश के शीर्ष नेतृत्व ने की थी.

नुकसान का दावा और रूस की प्रतिक्रिया

हालिया हमले को लेकर यूक्रेन ने कहा है कि वह अभी भी वास्तविक नुकसान का आकलन कर रहा है. वहीं रूस ने इस हमले को असफल प्रयास बताया है और कहा है कि एयरबेस को गंभीर नुकसान नहीं हुआ है.

दोनों देशों के अलग-अलग दावों के बीच स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं आई है, लेकिन यह घटना रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ते ड्रोन युद्ध के एक नए और गंभीर चरण की ओर इशारा करती है.

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