NEET Paper Leak: NEET पेपर लीक मामले को लेकर देश की राजनीति लगातार गरमाई हुई है. एक ओर विपक्ष सरकार पर छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि इस संवेदनशील विषय पर राजनीति करने के बजाय संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने विपक्ष पर छात्रों के मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया, जबकि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष से सड़कों के बजाय संसद के भीतर बहस करने की अपील की.
जेपी नड्डा बोले- छात्रों के मुद्दे पर राजनीति उचित नहीं
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि छात्रों से जुड़े किसी भी मुद्दे को राजनीतिक लाभ का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए. उनके अनुसार, NEET पेपर लीक जैसी घटना गंभीर विषय है और इसका समाधान केवल तथ्यों और सार्थक चर्चा के जरिए ही निकाला जा सकता है. उन्होंने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है. आरोप-प्रत्यारोप से समस्या का समाधान नहीं होगा, इसलिए सभी दलों को सदन में अपनी बात रखनी चाहिए.
राहुल गांधी पर साधा निशाना
जेपी नड्डा ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने करीब 150 पेपर लीक मामलों का जिक्र किया है, जिसकी जांच की जा सकती है. सरकार हर तथ्य जनता के सामने रखने के लिए तैयार है, लेकिन इस विषय को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं माना जा सकता. उन्होंने दोहराया कि सरकार छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है.
राजनाथ सिंह ने भी विपक्ष को दी नसीहत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी दिल्ली में जारी छात्र विरोध प्रदर्शनों के बीच विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल छात्रों और युवाओं की भावनाओं का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित साधने के लिए कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं की आकांक्षाओं और उनकी समस्याओं के समाधान के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है. यदि विपक्ष वास्तव में छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है तो उसे संसद के भीतर चर्चा करनी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में यही सबसे उचित मंच है.
सरकार ने छात्रों की चिंताओं पर संवेदनशीलता जताई
राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों की हर चिंता को सुनने और उसका समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी तथा मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है. उन्होंने विपक्ष से अपील की कि मानसून सत्र को बाधित करने के बजाय सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने दें, ताकि शिक्षा और युवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके.
संसद बनाम सड़क की बहस तेज
NEET पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ता दिख रहा है. जहां विपक्ष छात्र आंदोलनों के समर्थन में सड़कों पर उतरकर सरकार को घेर रहा है, वहीं सरकार का कहना है कि इस तरह के संवेदनशील विषयों पर समाधान का रास्ता संसद से होकर ही निकलता है. आने वाले दिनों में मानसून सत्र के दौरान इस मुद्दे पर और तीखी बहस देखने को मिल सकती है.
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