पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो मामले आए सामने, जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी को मदद का दिया आश्वासन

    Nipah Virus In West Bengal: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की खबर सामने आने के बाद राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक हलचल तेज हो गई है. भले ही अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही हो, लेकिन निपाह जैसे घातक वायरस का नाम ही स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी चेतावनी माना जाता है. 

    Two cases of Nipah virus reported in West Bengal JP Nadda assures help to Mamata Banerjee
    प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

    Nipah Virus In West Bengal: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के दो संदिग्ध मामलों की खबर सामने आने के बाद राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक हलचल तेज हो गई है. भले ही अभी स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में बताई जा रही हो, लेकिन निपाह जैसे घातक वायरस का नाम ही स्वास्थ्य तंत्र के लिए बड़ी चेतावनी माना जाता है. 

    इसी गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने तुरंत पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से बातचीत की और उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार राज्य को हर स्तर पर सहयोग देगी. सरकार ने साफ किया है कि हालात पर पैनी नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.

    उत्तर 24 परगना से मिले संदिग्ध मामले

    जानकारी के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले के बारासत इलाके में स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाले दो पुरुष नर्सों में निपाह वायरस के लक्षण पाए गए हैं. प्रारंभिक जांच के बाद इन दोनों के सैंपल कल्याणी एम्स भेजे गए थे, जहां टेस्ट रिपोर्ट में निपाह वायरस की पुष्टि की गई. 

    राज्य सरकार के सूत्रों का कहना है कि दोनों संक्रमित व्यक्तियों का किसी दूसरे राज्य में हाल ही में जाने का कोई ठोस रिकॉर्ड नहीं मिला है, हालांकि यह जरूर सामने आया है कि वे कुछ समय पहले बर्दवान गए थे. इसी कड़ी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है.

    स्वास्थ्य विभाग की तैयारी और सतर्कता

    राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि जिस निजी अस्पताल में दोनों नर्स कार्यरत थे, वहां संक्रमण की आशंका को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही है. अस्पताल के अन्य कर्मचारियों और संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है. 

    हेल्थ डिपार्टमेंट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जनता को भरोसा दिलाया है कि संक्रमित मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने लोगों से घबराने की बजाय सतर्क रहने की अपील की है. एहतियात के तौर पर एक हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया गया है ताकि लोग जरूरत पड़ने पर तुरंत संपर्क कर सकें.

    कब से अस्वस्थ थे संक्रमित नर्स

    सूत्रों के मुताबिक, दोनों नर्स पिछले 5 जनवरी से बीमार थे. शुरुआत में सामान्य वायरल बुखार समझकर इलाज किया गया, लेकिन हालत में सुधार न होने पर उन्हें उच्च स्तर की जांच के लिए रेफर किया गया. कल्याणी एम्स में हुए परीक्षणों के बाद निपाह वायरस की आशंका पुख्ता हुई. 

    अब दिल्ली से आए विशेषज्ञों की टीम द्वारा दोबारा जांच की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है, ताकि किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश न रहे. बताया जा रहा है कि दोनों संक्रमित व्यक्ति राज्य के अलग-अलग जिलों के निवासी हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता और बढ़ गई है.

    कैसे फैलता है निपाह वायरस

    निपाह वायरस को दुनिया के सबसे खतरनाक वायरसों में गिना जाता है. इसका संक्रमण सबसे पहले चमगादड़ों से इंसानों में फैलता है. वैज्ञानिकों के अनुसार यह वायरस सबसे पहले मलेशिया में सामने आया था, जहां यह सुअरों को संक्रमित करता हुआ इंसानों तक पहुंचा. 

    संक्रमित चमगादड़ों द्वारा खाए गए फलों या उनके संपर्क में आए खाद्य पदार्थों के सेवन से इंसानों में यह बीमारी फैल सकती है. इसके अलावा संक्रमित सुअरों के संपर्क में आने से भी खतरा रहता है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि निपाह वायरस इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, खासकर तब जब संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब रहा जाए.

    निपाह वायरस के लक्षण क्या हैं

    निपाह वायरस से संक्रमित होने पर शुरुआत में तेज बुखार और असहनीय सिरदर्द महसूस होता है. इसके साथ ही शरीर की मांसपेशियों में तेज दर्द और खिंचाव होता है, जिससे मरीज बेचैन रहने लगता है. कई मामलों में उल्टी, मतली और पेट खराब रहने की शिकायत भी सामने आती है. जैसे-जैसे संक्रमण बढ़ता है, सांस लेने में दिक्कत और सीने में जकड़न महसूस होने लगती है. गंभीर स्थिति में यह वायरस फेफड़ों को प्रभावित करता है और निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जो जानलेवा भी साबित हो सकते हैं.

    निपाह वायरस का इलाज और बचाव

    कोरोना और इबोला की तरह निपाह वायरस का भी फिलहाल कोई निश्चित इलाज या वैक्सीन उपलब्ध नहीं है. वैज्ञानिक इस दिशा में लगातार शोध कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस सफलता नहीं मिली है. वर्तमान में डॉक्टर मरीजों का इलाज उनके लक्षणों के आधार पर करते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, वे इस वायरस से लड़ने में ज्यादा सक्षम होते हैं. यही वजह है कि संतुलित आहार, साफ-सफाई और सावधानी ही इस बीमारी से बचाव का सबसे मजबूत तरीका माने जाते हैं.

    सरकार की अपील: सतर्क रहें, डरें नहीं

    राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी तरह के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है. सरकार का कहना है कि समय रहते कदम उठाए जा रहे हैं ताकि निपाह वायरस के किसी भी संभावित खतरे को फैलने से पहले ही रोका जा सके.

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