पुतिन के सामने ट्रंप की बंधी घिग्घी! बस इतनी देर ही बोल पाए अमेरिकी राष्ट्रपति

Trump Putin summit: वैश्विक राजनीति की निगाहें उस क्षण पर टिकी थीं जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमने-सामने हुए. लंबे समय से प्रतीक्षित यह शिखर वार्ता भले ही "सकारात्मक माहौल" में संपन्न हुई, लेकिन असल परिणाम के तौर पर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया.

Trump was nervous in front of Putin The US President could only speak for this long
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Trump Putin summit: वैश्विक राजनीति की निगाहें उस क्षण पर टिकी थीं जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आमने-सामने हुए. लंबे समय से प्रतीक्षित यह शिखर वार्ता भले ही "सकारात्मक माहौल" में संपन्न हुई, लेकिन असल परिणाम के तौर पर कोई ठोस समझौता सामने नहीं आया. नतीजतन, इस बैठक के मकसद और प्रभाव को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं.

तीन घंटे चली इस गोपनीय बैठक के बाद जब दोनों नेता मीडिया के सामने आए, तो उम्मीदें थीं कि कोई ठोस घोषणा होगी. लेकिन 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में न तो किसी महत्वपूर्ण डील का ऐलान हुआ और न ही कोई बारीकी साझा की गई. सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ट्रंप इस दौरान केवल 3.3 मिनट ही बोल पाए, जो उनके पिछले सार्वजनिक बयानों की तुलना में काफी कम है.

क्या ट्रंप पुतिन के सामने कमजोर नजर आए?

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ट्रंप का प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमित बोलना असामान्य है. आम तौर पर वे किसी भी बैठक के बाद प्रेस से खुलकर संवाद करते हैं और अपनी बात प्रमुखता से रखते हैं. ऐसे में अलास्का की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी भूमिका सीमित रहना कई सवाल खड़े करता है:
क्या ट्रंप अपनी मर्जी से कम बोले या फिर पुतिन के प्रभाव में आकर उन्हें पीछे हटना पड़ा?

पुतिन का रुख साफ, लेकिन सीमित जानकारी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी बात संक्षेप में रखते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है, विशेष रूप से यूक्रेन संकट को लेकर. उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और रूस इसके लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कीव की सरकार इस प्रक्रिया में बाधा बन सकती है.

“सहमति बनी है, लेकिन समझौता नहीं”

ट्रंप और पुतिन दोनों ने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत सकारात्मक रही और आगे भी जारी रहेगी. हालांकि जब तक किसी प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं होते, उसे औपचारिक समझौता नहीं माना जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि वे इस बैठक की जानकारी नाटो और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को देंगे.

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