वॉशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के ऐतिहासिक समझौते के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को ईरान के मददगार देशों को एक कड़ा संदेश दिया. ट्रंप ने इस बार अपनी स्थिति को और भी सख्त करते हुए स्पष्ट किया कि जो देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेंगे, उनके द्वारा अमेरिका को बेचे जाने वाले सभी सामानों पर 50% का टैरिफ लगा दिया जाएगा.
सैन्य हथियार सप्लाई करने पर कड़ा संदेश
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म "ट्रुथ सोशल" पर पोस्ट करते हुए कहा, "जो भी देश ईरान को सैन्य हथियार सप्लाई करेगा, उस देश से अमेरिका द्वारा खरीदी जाने वाली सभी चीजों पर 50% शुल्क तुरंत लागू किया जाएगा." ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस नियम में कोई छूट या रियायत नहीं होगी और यह तत्काल प्रभाव से लागू हो जाएगा.
ईरान के साथ सहयोग की बात
सीजफायर समझौते से पहले ट्रंप ने एक और पोस्ट में बताया कि अमेरिका ईरान के साथ मिलकर काम करेगा. ट्रंप ने यह दावा किया कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन का काम रोक देगा. ट्रंप ने लिखा, "संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान अब मिलकर काम करेंगे, क्योंकि ईरान एक सफल सत्ता परिवर्तन के दौर से गुजर चुका है."
उन्होंने आगे कहा, "अब ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं करेगा और अमेरिका, ईरान के साथ मिलकर, जमीन के अंदर दबी हुई परमाणु सामग्री (B-2 बॉम्बर्स) को बाहर निकालेगा." ट्रंप ने यह भी बताया कि यह सभी कार्य अभी भी कड़ी सैटेलाइट निगरानी (Space Force) के तहत किए जा रहे हैं और किसी भी हमले के बाद से इन सभी क्षेत्रों में कोई भी गतिविधि नहीं हुई है.
टैरिफ और प्रतिबंधों पर आगे बातचीत
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका और ईरान टैरिफ और प्रतिबंधों में राहत देने के मुद्दे पर बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों ने पहले ही 15 में से कई बिंदुओं पर सहमति बना ली है और आगे भी यह बातचीत जारी रहेगी.
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