पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में दोनों चरणों का नामांकन पूरा हो चुका है और सभी पार्टियों के उम्मीदवारों की सूची भी सामने आ चुकी है. इस बार भी सबसे चर्चा में हैं पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के दोनों बेटे, तेजस्वी यादव और तेजप्रताप यादव. चुनावी हलफनामों से पता चला है कि दोनों भाइयों की संपत्ति में बड़ा अंतर है. तेजस्वी यादव, जो खुद भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं, तेजप्रताप यादव से करीब ढाई गुना ज्यादा संपत्ति के मालिक हैं.
तेजप्रताप यादव की संपत्ति: 2.88 करोड़ की कुल दौलत
तेजप्रताप यादव के कुल संपत्ति की बात करें तो यह लगभग ₹2.88 करोड़ के करीब है. इसमें ₹91.65 लाख की चल संपत्ति और ₹1.96 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है. पिछले वित्तीय वर्ष 2024–25 में उनकी आय ₹22.93 लाख रही, जिसमें से लगभग ₹22.67 लाख आय कर-मुक्त है. उनकी संपत्ति पर कोई कर्ज नहीं है, जो उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत दर्शाता है.
तेजस्वी यादव की संपत्ति: 8.1 करोड़ से ज्यादा का खजाना
तेजस्वी यादव के पास कुल संपत्ति लगभग ₹8.1 करोड़ है, जिसमें उनकी पत्नी राजश्री उर्फ रैचेल आयरिस गोडिन्हो की संपत्ति भी शामिल है. तेजस्वी के पास लगभग ₹6.12 करोड़ की चल संपत्ति और ₹1.88 करोड़ की अचल संपत्ति है. वहीं, उनकी पत्नी के पास ₹1.88 करोड़ की संपत्ति है, जिसमें ₹59.69 लाख की अचल संपत्ति शामिल है. नकद राशि की बात करें तो तेजस्वी के पास ₹1.5 लाख और उनकी पत्नी के पास ₹1 लाख नकद मौजूद हैं.
कर्ज और देनदारी का सच
तेजस्वी यादव पर करीब ₹55.55 लाख का कर्ज दर्ज है, जो कि उनके भाई तेजप्रताप और मां राबड़ी देवी के साथ लिए गए संयुक्त ऋण का हिस्सा है. इसके अलावा, तेजस्वी पर सरकारी बकाया भी लगभग ₹1.35 करोड़ का है. शपथपत्र में तेजस्वी ने यह भी खुलासा किया है कि उनके पास 200 ग्राम सोना है, जबकि उनकी पत्नी के पास 480 ग्राम सोना और 2 किलोग्राम चांदी है.
संपत्ति के आंकड़ों से क्या मिलता है संदेश?
दोनों भाइयों की संपत्ति के आंकड़े सिर्फ उनके आर्थिक पक्ष को दर्शाते हैं, लेकिन चुनावी राजनीति में यह भी बड़ा मुद्दा है कि वे जनता की सेवा किस हद तक करेंगे. तेजस्वी और तेजप्रताप दोनों की अलग-अलग वित्तीय स्थिति उनके राजनीतिक सफर और जनता के बीच उनके प्रभाव को भी प्रभावित कर सकती है.
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