WhatsApp यूजर्स हो जाएं अलर्ट! हैकर्स और स्कैमर्स से ऐसे बचाएं अपना अकाउंट; इस आसान स्टेप्स को करें फॉलो

    WhatsApp Security: दुनियाभर में WhatsApp के अरबों यूजर्स हैं और अब यह ऐप सिर्फ मैसेजिंग तक सीमित नहीं रह गया है. वीडियो कॉलिंग, डॉक्यूमेंट और फोटो शेयरिंग से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक, WhatsApp रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. 

    Tech WhatsApp Protect your account from hackers and scammers like this Follow these easy steps
    प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

    WhatsApp Security: दुनियाभर में WhatsApp के अरबों यूजर्स हैं और अब यह ऐप सिर्फ मैसेजिंग तक सीमित नहीं रह गया है. वीडियो कॉलिंग, डॉक्यूमेंट और फोटो शेयरिंग से लेकर ऑनलाइन पेमेंट तक, WhatsApp रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. 

    इसी बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों और स्कैमर्स की नजर भी इस प्लेटफॉर्म पर टिकी रहती है. वे नए-नए तरीकों से यूजर्स के अकाउंट तक पहुंचने की कोशिश करते हैं. ऐसे में WhatsApp अकाउंट की सुरक्षा को हल्के में लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है.

    रजिस्ट्रेशन कोड और पिन को लेकर बरतें खास सावधानी

    WhatsApp अकाउंट को सुरक्षित रखने का सबसे बुनियादी नियम यही है कि रजिस्ट्रेशन कोड या टू-स्टेप वेरिफिकेशन पिन किसी भी हाल में किसी से साझा न करें. स्कैमर्स अक्सर खुद को डिलीवरी एजेंट, बैंक कर्मचारी, दोस्त या सरकारी अधिकारी बताकर यूजर्स को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं. बातचीत के दौरान वे भरोसा जीतकर ओटीपी या पिन मांग लेते हैं. जैसे ही यह जानकारी साझा होती है, अकाउंट उनके हाथों में चला जाता है. इसलिए चाहे कोई कितना भी परिचित या विश्वसनीय क्यों न लगे, ऐसी संवेदनशील जानकारी कभी साझा न करें.

    टू-स्टेप वेरिफिकेशन बनाएं सुरक्षा की मजबूत दीवार

    WhatsApp और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन को एक्टिव रखना बेहद जरूरी है. यह अकाउंट की सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त परत का काम करता है. अगर किसी तरह आपका पासवर्ड या ओटीपी लीक भी हो जाए, तब भी टू-स्टेप वेरिफिकेशन पिन के बिना कोई आपके अकाउंट तक नहीं पहुंच पाएगा. यह छोटा-सा कदम आपके अकाउंट को बड़ी परेशानी से बचा सकता है.

    फोन और चैट की प्राइवेसी पर भी दें ध्यान

    WhatsApp की सुरक्षा सिर्फ अकाउंट तक सीमित नहीं है, बल्कि आपके फोन और चैट्स की सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है. अपने स्मार्टफोन में ऐप लॉक और चैट लॉक जैसे फीचर्स को सक्रिय रखें, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति आपकी निजी बातचीत को आसानी से एक्सेस न कर सके. यह फीचर खासतौर पर तब उपयोगी होता है, जब फोन किसी और के हाथ में चला जाए.

    लिंक्ड डिवाइस और संदिग्ध एक्टिविटी पर रखें नजर

    WhatsApp में मौजूद ‘लिंक्ड डिवाइस’ फीचर को समय-समय पर चेक करते रहना चाहिए. अगर इस लिस्ट में कोई ऐसा डिवाइस नजर आए, जिसे आप पहचानते नहीं हैं, तो तुरंत उसे लॉग आउट कर दें. इसके अलावा अनजान नंबरों से आए ईमेल, मैसेज या लिंक पर क्लिक करने से बचें. ऐसे लिंक या अटैचमेंट के जरिए आपके फोन में मालवेयर डाला जा सकता है, जिससे अकाउंट और डाटा दोनों खतरे में पड़ सकते हैं.

    WhatsApp के अलर्ट को न करें नजरअंदाज

    अगर WhatsApp की तरफ से कोई चेतावनी या नोटिफिकेशन आता है, जैसे कि आपका नंबर किसी नए डिवाइस पर रजिस्टर हुआ है, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. ऐसी स्थिति में तुरंत जरूरी कदम उठाएं, जैसे अकाउंट को दोबारा सुरक्षित करना या सपोर्ट से संपर्क करना. समय पर एक्शन लेने से बड़ा नुकसान होने से बच सकता है.

    आज के डिजिटल दौर में WhatsApp जैसे ऐप्स हमारी निजी और पेशेवर जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. थोड़ी-सी सतर्कता और सही सुरक्षा उपाय अपनाकर आप अपने अकाउंट को स्कैमर्स और हैकर्स से काफी हद तक सुरक्षित रख सकते हैं.

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