Android यूजर्स हो जाएं सावधान! Gemini चलाने वालों पर मंडरा रहा खतरा, पर्सनल डेटा हो सकता है लीक

AI chatbot Data Leak: साइबर सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK की एक नई रिपोर्ट ने Android यूजर्स को चौंका दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, Google के API Key सिस्टम में एक कमजोरी पाई गई है, जिससे यूजर्स का डेटा खतरे में पड़ सकता है. खासकर वो यूजर्स जो Google Gemini का इस्तेमाल कर रहे हैं.

Tech Android users beware Gemini users are at risk as personal data could be leaked
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AI chatbot Data Leak: साइबर सिक्योरिटी कंपनी CloudSEK की एक नई रिपोर्ट ने Android यूजर्स को चौंका दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, Google के API Key सिस्टम में एक कमजोरी पाई गई है, जिससे यूजर्स का डेटा खतरे में पड़ सकता है. खासकर वो यूजर्स जो Google Gemini का इस्तेमाल कर रहे हैं.

रिपोर्ट में बताया गया है कि AIza से शुरू होने वाली API Key पहले केवल एक पहचान के रूप में काम करती थी, लेकिन अब इसे Google Gemini से जोड़ने के बाद यह ज्यादा ताकतवर हो गई है. इसका मतलब है कि अगर यह API Key गलत हाथों में चली जाती है, तो कोई भी व्यक्ति यूजर द्वारा शेयर की गई जानकारी जैसे फोटो, ऑडियो फाइल्स और डॉक्यूमेंट्स तक पहुंच बना सकता है.

कौन से ऐप्स में मिली खामी?

CloudSEK के सिक्योरिटी प्लेटफॉर्म BeVigil ने जब प्रमुख Android ऐप्स की जांच की, तो कई ऐप्स में यह खामी पाई गई. इन ऐप्स के कोड में लाइव API Keys सीधे मौजूद थीं, जिन्हें आसानी से एक्सट्रैक्ट किया जा सकता था. कुछ ऐप्स के करोड़ों डाउनलोड हैं, जिससे यह खतरा और भी बड़ा हो जाता है.

खामी कहां हो रही है?

असल में, यह समस्या डेवलपर्स की उस आदत से जुड़ी है, जहां वे API Key को सीधे ऐप के कोड में डाल देते हैं. पहले यह तरीका ज्यादा खतरनाक नहीं माना जाता था, लेकिन अब जब एडवांस AI फीचर्स जैसे Gemini एक्टिव होते हैं, तो बिना किसी अतिरिक्त सुरक्षा के वह Key कई सर्विसेज तक पहुंच बना सकती है. अगर हैकर ऐप को डीकंपाइल कर लेता है, तो वह इस Key का गलत इस्तेमाल कर सकता है.

यूजर्स और डेवलपर्स दोनों के लिए खतरा

इस खामी का असर सिर्फ यूजर्स तक ही नहीं, बल्कि डेवलपर्स तक भी हो सकता है. जहां एक तरफ यूजर्स की निजी जानकारी चोरी हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ डेवलपर्स को वित्तीय नुकसान भी हो सकता है. Google Gemini API का उपयोग मुफ्त नहीं है, और अगर कोई गलत तरीके से API Key का इस्तेमाल करता है, तो उसका खर्च ऐप बनाने वाली कंपनी को उठाना पड़ सकता है.

क्या करें यूजर्स और डेवलपर्स?

  • यूजर्स: ऐसे मामलों में सिर्फ भरोसेमंद और सुरक्षित ऐप्स ही डाउनलोड करें. अनजान प्लेटफॉर्म्स पर अपनी निजी जानकारी साझा करने से बचें.
  • डेवलपर्स: API Keys को सुरक्षित तरीके से मैनेज करें और उन्हें सीधे ऐप के कोड में डालने से बचें. यह सुनिश्चित करें कि API Keys को सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जाए ताकि हैकर्स उन्हें एक्सेस न कर सकें.

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