'बिग बॉस 19' के नए एपिसोड ने घर के माहौल को पूरी तरह हिला कर रख दिया. मीडिया इंटरैक्शन में जब तान्या मित्तल की बारी आई, तो सवालों की बौछार ने उन्हें एक पल के लिए चौंका दिया. कैमरों के सामने पत्रकारों ने सीधे आरोप लगाया कि उनकी छवि नकली है और यह भी पूछा गया कि क्या वह सच में शो की ट्रॉफी जीतने की हक़दार हैं. इसी तिक्त माहौल में तान्या ने अपने अंदाज में जवाब दिया और खुद के सच को सामने रखा.
जब पत्रकारों ने उन्हें फेक कहकर घेरा, तो तान्या ने बेहद शांत और सहज आवाज़ में कहा कि अगर मीडिया उनके बारे में कुछ सोचकर आया है, तो शायद इतना जरूर जानता होगा कि वह मंदिरों में जाती हैं. उन्होंने कहा कि लोग उनकी कहानियाँ मानें या न मानें, लेकिन उनकी श्रद्धा और उनकी आस्था किसी से छिपी नहीं है. तान्या का कहना था कि वह ‘बिग बॉस’ के घर में अपनी सच्चाई और नीयत के भरोसे पहुंची हैं. उनका दावा था कि वह गेम के दौरान हमेशा सही करने की कोशिश करती रही हैं और दूसरों का हौसला बढ़ाने का काम भी किया है. उनके मुताबिक, अगर कभी किसी कंटेस्टेंट को टूटता या हताश दिखा, तो उन्होंने अपनी कहानियों के ज़रिए उसे मोटिवेट किया.
जब मीडिया ने किया तंज—“ये रिएलिटी शो है, आस्था चैनल नहीं”
तान्या के जवाबों के बीच मीडिया ने बीच में ही चुटकी लेते हुए कहा कि यह रिएलिटी शो है, कोई धार्मिक चैनल नहीं. तान्या इस पर मुस्कुरा दीं और बोलीं कि वह जैसी हैं, वैसी ही रहेंगी. यदि जीत जाती हैं तो यह बोनस होगा, और अगर नहीं, तो कम से कम उन्होंने दुनिया के सामने अपने जवाब रखने की हिम्मत दिखाई है.
“आप जवाब भी ठीक से नहीं दे पाईं”—मीडिया का आख़िरी तीर
इंटरैक्शन के अंत में मीडिया ने यह टिप्पणी भी की कि तान्या अपने जवाबों में दम नहीं दिखा पाईं. हालांकि तान्या ने इस आलोचना पर कोई पलटवार नहीं किया, लेकिन उनके भाव साफ़ दिख रहे थे—वह जानती थीं कि सवाल मुश्किल हैं, पर उन्होंने अपनी पहचान नहीं छोड़ी.
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