भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी सुमित नागल ने कजाकिस्तान के एलेक्जेंडर बुब्लिक को हराकर पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के दूसरे राउंड की एंट्री. साल 2021 में नागल को ऑस्ट्रेलियन ओपन के पहले राउंड में वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली थी, लेकिन तब वह हार का सामना करना पड़ा था.
वर्ल्ड रैंकिंग में 137वें नंबर के खिलाड़ी सुमित ने मंगलवार को टूर्नामेंट के पहले राउंड में दुनिया के 27वें नंबर के खिलाड़ी बुब्लिक को सीधे सेटों में हराया. 26 साल के नागल ने 2 घंटे 38 मिनट तक चले रोमांचक मुकाबले में बुब्लिक पर 6-4, 6-2, 7-6 से जीत दर्ज की.
34 साल बाद रचा इतिहास
34 साल के बाद किसी ग्रैंड स्लैम में भारतीय मेंस सिंगल्स खिलाड़ी की किसी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पर यह पहली जीत है. इससे पहले, रमेश कृष्णन ने 1989 के ऑस्ट्रेलियन ओपन में मैट्स विलेंडर को हराया था. बुब्लिक को ऑस्ट्रेलियन ओपन 2024 में 31वां सीड मिला है.
टूर्नामेंट के आयोजक तय करते हैं सीड
बड़े टेनिस टूर्नामेंट में सीडिंग का इस्तेमाल किया जाता है. ग्रैंड स्लैम जैसे विंबलडन, यूएस ओपन, फ्रेंच ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन में सीड मिलती है. सीड किसी खिलाड़ी की ओवरऑल रैंकिंग न होकर किसी टूर्नामेंट में मिली रैंकिंग होती है. ये सीड टूर्नामेंट के आयोजक ही तय करते हैं. सीड खिलाड़ी की दुनिया में मौजूदा रैंकिंग से ही तय होती है. सीड एक टूर्नामेंट के लिए टेम्पररी तौर पर मिलती है.
ऑस्ट्रेलियन ओपन का इतिहास
ऑस्ट्रेलियन ओपन साल का पहला ग्रैंड स्लैम होता है. लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया ने इस टूर्नामेंट को 1905 में शुरू किया था, जिसे पहले ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप कहा जाता था. बाद में लॉन टेनिस एसोसिएशन ऑफ ऑस्ट्रेलिया टेनिस ऑस्ट्रेलिया बन गया. इसके बाद ऑस्ट्रेलियन चैंपियनशिप को ऑस्ट्रेलियन ओपन नाम दे दिया गया. 1969 से इस टेनिस टूर्नामेंट को आधिकारिक तौर पर ऑस्ट्रेलियन ओपन के नाम से जाना जाने लगा.