15 दिन में 5वीं बार कांपी धरती, अचानक आधी रात को आया इतना जोरदार भूकंप; घर छोड़कर भागे लोग

अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप के झटकों से दहल उठा है. शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे देश में रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया.

strong earthquake in Afghanistan
प्रतीकात्मक तस्वीर | Photo: Pixabay

अफगानिस्तान एक बार फिर भूकंप के झटकों से दहल उठा है. शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे देश में रिक्टर स्केल पर 4.0 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. नेशनल सेंटर ऑफ सेस्मोग्राफी (NCS) ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र धरती से 120 किलोमीटर नीचे स्थित था. हालिया झटका ऐसे समय आया है जब बीते 15 दिनों में अफगानिस्तान पांच बार भूकंपीय गतिविधियों का अनुभव कर चुका है.

आधी रात को आया भूकंप

एनसीएस के मुताबिक, यह भूकंप भारतीय समयानुसार 16 मई को 00:47:40 बजे आया. इसका केंद्र 36.56° उत्तर अक्षांश और 70.99° पूर्व देशांतर पर था. अच्छी खबर यह है कि इस भूकंप से किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की कोई जानकारी अब तक नहीं मिली है. एनसीएस ने इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी साझा की.

30 अप्रैल से अब तक 5 झटके

पिछले दो हफ्तों के भीतर अफगानिस्तान में लगातार भूकंप दर्ज किए गए हैं. यह इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के टकराव वाले क्षेत्र में आता है, जिस कारण यहां भूकंप आना आम बात है. हालांकि इन झटकों से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन ये घटनाएं क्षेत्र की भूगर्भीय सक्रियता की ओर इशारा जरूर करती हैं.

अब तक दर्ज किए गए भूकंप:

1 मई – तीव्रता: 4.6

  • केंद्र: जुरम से 37 किमी दक्षिण-पश्चिम
  • गहराई: 87.99 किमी
  • कोई नुकसान नहीं हुआ.

5 मई – तीव्रता: 4.2

  • केंद्र: अश्काशम से 63 किमी दक्षिण-पश्चिम
  • गहराई: 94.08 किमी
  • झटके पाकिस्तान तक महसूस किए गए.

10 मई – तीव्रता: 4.6

  • केंद्र: बदख्शान क्षेत्र, फैजाबाद से 71 किमी दक्षिण-पूर्व
  • गहराई: 87.99 किमी

15 मई – दो भूकंप दर्ज

  • पहला झटका: तीव्रता 5.6, केंद्र पारून से 69 किमी उत्तर-उत्तर-पश्चिम, गहराई: 109.75 किमी
  • दूसरा झटका: तीव्रता 4.4, केंद्र पारून से 75 किमी उत्तर-पश्चिम, गहराई: 113.98 किमी

16 मई (आज का झटका) – तीव्रता: 4.0

  • केंद्र: 120 किमी गहराई पर, अफगानिस्तान के उत्तरी क्षेत्र में

स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं अधिकारी

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं. अब तक राहत की बात यह है कि बार-बार आने वाले इन भूकंपों से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गतिविधियां भविष्य में किसी गंभीर झटके की संभावना को भी जन्म दे सकती हैं.

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