Stranger Things 5 Vol 2: किसी भी यादगार वेब सीरीज की बुनियाद आमतौर पर तीन चीज़ों पर टिकी होती है, एक दमदार हीरो, एक मजबूत विलेन और एक पकड़ बनाने वाली कहानी. लेकिन नेटफ्लिक्स की सुपरहिट सीरीज स्ट्रेंजर थिंग्स, जिसे डफर ब्रदर्स ने रचा है, इन तयशुदा नियमों से कहीं आगे निकल जाती है. यहां न तो कोई एकमात्र हीरो है और न ही कोई तय विलेन. कहानी इतनी परतदार और रहस्यमयी है कि पूरी सीरीज देखने के बाद भी दर्शक यही सोचता रह जाता है कि उसने असल में क्या देखा और क्या समझा.
फिनाले सीजन के रिलीज से पहले डफर ब्रदर्स ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि इंटरनेट पर घूम रही ज्यादातर फैन थ्योरीज़ सीरीज की असली कहानी से बहुत दूर हैं. यही बात वॉल्यूम 2 में पूरी तरह सच साबित होती है. ट्रेलर में डस्टिन का एक डायलॉग, “अब तक हमने उल्टी दुनिया के बारे में जो कुछ भी जाना है, वो गलत है”, पूरे वॉल्यूम 2 की आत्मा बन जाता है. और जब आप एपिसोड देखते हैं, तो समझ आता है कि यह सिर्फ एक लाइन नहीं, बल्कि आने वाले तूफान की चेतावनी थी.
वॉल्यूम 1 से मिली-जुली प्रतिक्रिया
जब सीजन 5 का वॉल्यूम 1 रिलीज हुआ था, तो फैंस की राय बंटी हुई थी. कई दर्शकों को एपिसोड्स की रफ्तार काफी धीमी लगी. ऐसा महसूस हुआ मानो कहानी वही है, लेकिन स्क्रीनप्ले पर किसी तरह का दबाव है. हर सीन जरूरत से ज्यादा खिंचा हुआ और थोड़ा भारी सा लग रहा था. स्ट्रेंजर थिंग्स जिस तेज़ और रोमांचक अंदाज़ के लिए जानी जाती है, उसकी कमी साफ नजर आई. इसी वजह से वॉल्यूम 2 को लेकर कुछ लोग उदासीन थे, जबकि कुछ ऐसे भी थे जिन्हें भरोसा था कि असली खेल अभी बाकी है. और वॉल्यूम 2 ने वही किया, पूरी बाज़ी पलट दी.
वॉल्यूम 2 की कहानी
वॉल्यूम 2 वहीं से आगे बढ़ता है, जहां पहला हिस्सा खत्म हुआ था. शो डाउन में विल के जबरदस्त एक्शन के बाद कहानी नए मोड़ पर पहुंचती है. हमेशा की तरह इस बार भी किरदार अलग-अलग ग्रुप्स में बंट जाते हैं. हर टीम अपने हिस्से की सच्चाई और जानकारी जुटाती है और अंत में सब कुछ एक जगह आकर जुड़ता है. स्ट्रेंजर थिंग्स का यही पैटर्न इसे खास बनाता है, अलग-अलग रास्ते, लेकिन एक ही मंज़िल.
इस बार टीम में कुछ नए और अहम किरदार भी शामिल होते हैं, जो कहानी को और गहराई देते हैं. वॉल्यूम 2 में शो की माइथोलॉजी और उल्टी दुनिया के नियमों को विस्तार से समझाया गया है. कई बातें इतनी जटिल हैं कि उन्हें सही तरह समझने के लिए एपिसोड दोबारा देखना पड़ सकता है.
सिर्फ सीरीज नहीं, मानो साइंस की क्लास
वॉल्यूम 2 को देखते हुए कई बार ऐसा लगता है कि आप कोई साइंस फिक्शन शो नहीं, बल्कि फिजिक्स की किताब पढ़ रहे हैं. खासतौर पर डस्टिन के डायलॉग्स और थ्योरीज़ शो की रीढ़ बन जाते हैं. अगर आपने कभी फिजिक्स की क्लास मिस की है, तो यहां आपको दिमाग पर ज़ोर देना पड़ेगा. स्क्रीनप्ले इतना सशक्त है कि अचानक सभी किरदारों में जबरदस्त एनर्जी आ जाती है. हर कोई एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा होता है और दर्शक भी उसी रफ्तार में बहता चला जाता है.
वॉल्यूम 1 से कई गुना बेहतर
इसमें कोई शक नहीं कि वॉल्यूम 2 पहले हिस्से से कहीं ज्यादा मजबूत है. एक ऐसे किरदार की वापसी होती है, जिसका दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे थे. साथ ही वेक्ना, एल और नंबर 8 यानी काली से जुड़ी कई अहम बातें सामने आती हैं. वेक्ना का असली मकसद, वो रहस्यमयी दीवार और पूरे यूनिवर्स की संरचना को विस्तार से समझाया जाता है, जिससे कहानी और ज्यादा ठोस बनती है.
कुछ कमियां भी आईं सामने
हालांकि शो पूरी तरह परफेक्ट नहीं है. कुछ जगहों पर खामियां भी खटकती हैं. जैसे मिलिट्री को जरूरत से ज्यादा कमजोर और बेअसर दिखाया गया है. कुछ किरदार पूरी तरह गायब से हो जाते हैं, ल्यूकस और डस्टिन के माता-पिता, हॉकिन्स के आम लोग और डस्टिन की गर्लफ्रेंड सूजी का कहीं अता-पता नहीं चलता. इसके अलावा, जिस इलाके को लॉकडाउन जैसा दिखाया गया है, वहां अचानक बड़े हमले हो जाते हैं और कोई ठोस प्रतिक्रिया नजर नहीं आती.
फिर भी देखने लायक अनुभव
इन कमियों के बावजूद, डफर ब्रदर्स की यह सीरीज दर्शकों को सवालों से भर देती है और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है. स्ट्रेंजर थिंग्स एक बेहतरीन साइंस फिक्शन शो है, जिसे नजरअंदाज करना बड़ी भूल हो सकती है. कहानी आपको भटका सकती है, उलझा सकती है, लेकिन जब आप सीजन के आखिरी मोड़ पर पहुंचते हैं, तो चीज़ें धीरे-धीरे साफ होने लगती हैं.
सीरीज का वॉल्यूम 3 यानी फिनाले एपिसोड भारत में 1 जनवरी की सुबह 6:30 बजे रिलीज होने वाला है. वॉल्यूम 2, पहले हिस्से की तुलना में कहीं ज्यादा इमोशनल, ड्रामैटिक और जटिल है. ऐसे में इसे ध्यान से देखना ही बेहतर होगा, क्योंकि यहां हर सीन, हर डायलॉग किसी न किसी बड़े रहस्य की तरफ इशारा करता है.
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