Share Market: भारतीय शेयर बाजार में 15 अप्रैल 2026 को छुट्टी के बाद जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. आज बाजार खुलते ही खरीदारी का माहौल बन गया, जिससे प्रमुख सूचकांक मजबूत बढ़त के साथ कारोबार कर रहे हैं. सेंसेक्स करीब 1300 अंकों की छलांग लगाकर 78,200 के आसपास पहुंच गया है, जबकि निफ्टी 400 से ज्यादा अंकों की तेजी के साथ 24,250 के पार ट्रेड कर रहा है.
आज लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में नजर आ रहे हैं. खासकर मेटल, पीएसयू बैंक और आईटी सेक्टर में 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है, जिससे बाजार की मजबूती साफ दिखाई दे रही है.
निफ्टी के टॉप गेनर्स में इंडिगो, हिंडाल्को और श्रीराम फाइनेंस शामिल हैं, जिनके शेयरों में 3 से 4 फीसदी तक की तेजी देखी जा रही है. वहीं टॉप लूजर्स में डॉ रेड्डी, ओएनजीसी और कोल इंडिया के शेयर शामिल हैं, जिनमें गिरावट दर्ज की गई है. डॉ रेड्डी के शेयरों में 2 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी आई है.
आज शेयर बाजार में आई इस तेजी के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं—
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर बातचीत शुरू होने की संभावना जताई जा रही है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच जल्द ही बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. इससे निवेशकों को उम्मीद है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होगा, जिसका सकारात्मक असर बाजार पर पड़ा है.
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी भी बाजार के लिए राहत भरी खबर साबित हुई है. ब्रेंट क्रूड करीब 94 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है. तेल की कीमतों में गिरावट से सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे बाजार में सकारात्मक माहौल बना है.
रुपये में मजबूती
भारतीय रुपये में भी आज मजबूती देखने को मिली है. रुपया 21 पैसे मजबूत होकर 93.17 प्रति डॉलर पर खुला, जो पहले 93.38 के स्तर पर था. मजबूत रुपये से विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ता है और इसका सीधा असर बाजार पर पड़ता है.
ग्लोबल मार्केट में तेजी
वैश्विक बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले हैं. अमेरिकी बाजारों में बढ़त देखने को मिली, जहां डॉव जोन्स करीब 0.66 फीसदी, नैस्डैक 1.96 फीसदी और एसएंडपी 500 करीब 1.18 फीसदी ऊपर बंद हुए.
वहीं एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख बना रहा. हैंग सेंग, निक्केई, ताइवान, कोस्पी और स्ट्रेट टाइम्स इंडेक्स सभी में बढ़त देखने को मिली, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा.
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