Golden Line Delhi Metro: अगर आप साउथ दिल्ली में घर खरीदने की सोच रहे हैं या यहां निवेश करना चाहते हैं, तो आने वाले कुछ साल आपके लिए काफी अहम हो सकते हैं. दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत बन रही गोल्डन लाइन मेट्रो इस पूरे इलाके की तस्वीर बदल सकती है. माना जा रहा है कि मेट्रो शुरू होने के बाद कई इलाकों में मकानों की कीमत और किराया दोनों तेजी से बढ़ सकते हैं.
साउथ दिल्ली हमेशा से रहने के लिए पसंदीदा इलाका रहा है, लेकिन यहां रहने वाले लोगों को ट्रैफिक, एयरपोर्ट तक पहुंचने में लगने वाले समय और कई इलाकों में अच्छी मेट्रो कनेक्टिविटी न होने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. अब नई मेट्रो लाइन इन समस्याओं को काफी हद तक कम कर सकती है.
एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक चलेगी गोल्डन लाइन
नई गोल्डन लाइन मेट्रो एयरोसिटी से तुगलकाबाद तक बनाई जा रही है. इस रूट से साउथ दिल्ली के कई बड़े रिहायशी और कारोबारी इलाके सीधे जुड़ जाएंगे. इससे लोगों का सफर आसान होगा और सड़क पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होने की उम्मीद है.
इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा
गोल्डन लाइन मेट्रो के दायरे में कई बड़े इलाके आएंगे. इनमें महिपालपुर, वसंत कुंज, किशनगढ़, छतरपुर, इग्नू, साकेत, खानपुर, अंबेडकर नगर और तुगलकाबाद शामिल हैं. इस रूट पर एयरोसिटी, छतरपुर, साकेत जी-ब्लॉक और तुगलकाबाद जैसे स्टेशन बड़े इंटरचेंज स्टेशन होंगे. यहां से लोग दूसरे मेट्रो रूट पर आसानी से जा सकेंगे. इससे एयरपोर्ट, सेंट्रल दिल्ली और दूसरे बिजनेस इलाकों तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा.
जिन इलाकों की वैल्यू कम थी, अब बढ़ सकती है
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का कहना है कि कई इलाके सिर्फ खराब कनेक्टिविटी की वजह से अपनी पूरी कीमत हासिल नहीं कर पाए. छतरपुर, नेब सराय, साकेत, अंबेडकर नगर और संगम विहार जैसे इलाकों में पहले से स्कूल, अस्पताल और दूसरी जरूरी सुविधाएं मौजूद हैं. अब मेट्रो आने के बाद इन इलाकों तक पहुंच आसान होगी. इससे यहां रहने की मांग बढ़ सकती है और प्रॉपर्टी की कीमतों में भी तेजी आ सकती है.
अभी क्या हैं प्रॉपर्टी के दाम?
फिलहाल साउथ दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में प्रॉपर्टी के रेट अलग-अलग हैं. वसंत कुंज में फ्लैट की कीमत करीब 21,000 से 23,500 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच है. साकेत इस रूट का सबसे महंगा इलाका माना जाता है. यहां प्रॉपर्टी की कीमत 27,500 से 31,500 रुपये प्रति वर्ग फुट तक पहुंचती है.
साकेत में 2BHK फ्लैट का किराया करीब 35,000 रुपये महीना है, जबकि 3BHK का किराया 1 लाख रुपये प्रति महीना तक जा सकता है. वहीं छतरपुर अभी भी अपेक्षाकृत किफायती इलाका है. यहां घर 12,400 से 18,000 रुपये प्रति वर्ग फुट के बीच मिल रहे हैं.
किन इलाकों में सबसे ज्यादा बढ़ सकती है मांग?
जानकारों के मुताबिक, जिन इलाकों में अभी कीमतें कम हैं और जहां मेट्रो की सबसे ज्यादा जरूरत थी, वहां सबसे ज्यादा फायदा देखने को मिल सकता है. छतरपुर, नेब सराय, खानपुर और संगम विहार में मेट्रो स्टेशन के आसपास की प्रॉपर्टी की मांग तेजी से बढ़ सकती है.
अगले 2 से 3 साल में यहां मकानों की कीमत 8 से 12 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है. वहीं किराए में भी 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. कम कीमत वाले इलाकों जैसे तुगलकाबाद और संगम विहार में शुरुआत में बदलाव थोड़ा धीमा रह सकता है, लेकिन लंबे समय में यहां अच्छा फायदा मिलने की संभावना है.
मेट्रो के बाद किराए का बाजार भी बदलेगा
नई मेट्रो लाइन शुरू होने के बाद किराए के मकानों की मांग भी बढ़ सकती है. एयरोसिटी, महिपालपुर और वसंत कुंज जैसे इलाके एयरपोर्ट, एविएशन और होटल इंडस्ट्री में काम करने वाले लोगों की पसंद बन सकते हैं.
वहीं साकेत, इग्नू, छतरपुर और नेब सराय में छात्रों और नौकरी करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ सकती है. इससे इन इलाकों में किराए के मकानों की मांग और किराया दोनों बढ़ने की उम्मीद है.
फरीदाबाद को भी मिल सकता है फायदा
हालांकि गोल्डन लाइन सीधे फरीदाबाद तक नहीं जाएगी, लेकिन तुगलकाबाद इंटरचेंज के जरिए इसका फायदा फरीदाबाद को भी मिल सकता है. अगर दिल्ली तक आने-जाने का सफर आसान हो जाता है, तो कम बजट में बड़ा घर खरीदने वाले लोग फरीदाबाद का रुख कर सकते हैं. इससे सूरजकुंड, ग्रीन फील्ड्स और चार्मवुड विलेज जैसे इलाकों में भी प्रॉपर्टी की मांग बढ़ सकती है.
आने वाले समय में बदल सकती है तस्वीर
गोल्डन लाइन मेट्रो सिर्फ सफर आसान नहीं बनाएगी, बल्कि साउथ दिल्ली के रियल एस्टेट बाजार पर भी बड़ा असर डाल सकती है. बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से कई इलाकों की मांग बढ़ सकती है. अगर सब कुछ तय योजना के मुताबिक हुआ, तो आने वाले वर्षों में यहां घरों की कीमत और किराए दोनों में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.