नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने देश के 12 राज्यों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की शुरुआत की घोषणा कर दी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार, यह SIR का दूसरा चरण है और इसकी प्रक्रिया आज रात 12 बजे के बाद शुरू होगी. इस कदम का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और सुनिश्चित करना है कि हर योग्य नागरिक अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके.
SIR का उद्देश्य और महत्व
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची में सुधार करना है. इसके तहत योग्य वोटरों को सूची में शामिल किया जाता है और अयोग्य वोटरों को हटाया जाता है. चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है. मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि देश में आखिरी बार SIR 21 साल पहले हुआ था. इतने लंबे समय बाद इसे लागू करने की जरूरत इसलिए महसूस की गई क्योंकि मतदाता सूची में कई पुराने और फर्जी प्रविष्टियां मौजूद हैं.

BLO की भूमिका: घर-घर पहुंच
इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) हर मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे. इससे नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया जा सकेगा और किसी भी गलती को तुरंत सुधारा जा सकेगा.
SIR की प्रक्रिया और लाभ
SIR के तहत मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जाता है. इसमें फर्जी या पुराने नाम हटाए जाते हैं और नए योग्य मतदाताओं को शामिल किया जाता है. इस प्रक्रिया से मतदाता सूची की सटीकता बढ़ती है, फर्जी वोटिंग की संभावना घटती है और नए मतदाता आसानी से सूची में शामिल हो पाते हैं.
चुनौतियां और सावधानियां
हालांकि, SIR में कुछ चुनौतियां भी हैं. यदि आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं तो नाम कटने का खतरा रहता है. ग्रामीण और प्रवासी क्षेत्रों में यह मतदाता के लिए कठिनाई का कारण बन सकता है. इसलिए मतदाताओं को समय रहते अपने दस्तावेज़ तैयार रखने की सलाह दी जाती है.
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