पाकिस्तान में पानी के लिए भड़की हिंसा, सिंध के गृहमंत्री का घर जलाया, DSP समेत कई पुलिसकर्मी घायल

पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बार फिर से असंतोष की आग भड़क उठी है.

Sindh Home Ministers house burnt in Pakistan
प्रतीकात्मक तस्वीर/Photo- X

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक बार फिर से असंतोष की आग भड़क उठी है. सिंधु नदी पर प्रस्तावित विवादित नहर परियोजना के विरोध ने मंगलवार को हिंसक रूप ले लिया, जब गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने प्रांत के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के निजी आवास पर हमला कर उसे आग के हवाले कर दिया. इस बवाल में अब तक दो लोगों की मौत और कई के घायल होने की पुष्टि हुई है.

प्रदर्शन से बेकाबू हुआ जनाक्रोश

मामला सिंध के नौशहरो फिरोज जिले का है, जहां नहर परियोजना के विरोध में एक राष्ट्रवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. जब प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरने की कोशिश की, तो पुलिस की ओर से बल प्रयोग किया गया, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई. दोनों पक्षों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसमें एक एसएचओ और दो पुलिसकर्मी समेत कई लोग घायल हो गए.

स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने गृह मंत्री लंजर के आवास पर धावा बोल दिया, सुरक्षाकर्मियों को पीटा और घर में तोड़फोड़ कर उसे जला दिया. कुछ ट्रकों को लूट लिया गया और उनमें से कई को आग के हवाले कर दिया गया.

क्या है सिंधु नहर परियोजना?

पाकिस्तान सरकार चोलिस्तान के बंजर इलाकों को कृषि योग्य बनाने के लिए सिंधु नदी से पानी डायवर्ट करने की योजना बना रही है. इस मेगा प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 211 अरब रुपये है और इसका उद्देश्य चोलिस्तान में हजारों एकड़ भूमि पर खेती शुरू करना है.

हालांकि, सिंध के स्थानीय नेता और नागरिक इस परियोजना को सिंध के जल संसाधनों पर हमला मान रहे हैं. उनका कहना है कि इससे सिंध की कृषि व्यवस्था और पानी की उपलब्धता पर गंभीर असर पड़ेगा.

PPP और CCI का विरोध

प्रोजेक्ट को लेकर विवाद उस वक्त और गहरा गया जब पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) ने खुलकर इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. पार्टी का कहना है कि यह योजना सिंध के हितों के खिलाफ है और इसे थोपने का प्रयास किया जा रहा है.

पिछले हफ्तों में कॉउंसिल ऑफ कॉमन इंटरेस्ट (CCI) ने भी इस योजना को सर्वसम्मति की कमी के चलते अस्वीकार कर दिया था. CCI ने स्पष्ट कहा था कि जब तक सभी प्रांतों की आपसी सहमति नहीं बनती, तब तक कोई नई नहर परियोजना लागू नहीं की जाएगी. इसके बावजूद, सिंध में प्रदर्शन लगातार जारी हैं.

राजनैतिक प्रतिक्रिया: "ये आतंकी कृत्य है"

घटना के बाद पीपीपी प्रमुख बिलावल भुट्टो जरदारी ने गृहमंत्री के घर पर हमले को "आतंकी कृत्य" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है. उन्होंने चेतावनी दी कि "विरोध के नाम पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी."

वहीं गृहमंत्री लंजर ने कहा, "राज्य के कानून को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हिंसा और तोड़फोड़ को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा."

चीन का साथ और भारत पर परोक्ष संदेश

इन घटनाओं के बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने बीजिंग में चीन के विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की. चीन ने पाकिस्तान की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराया और भारत-पाकिस्तान विवाद के समाधान के लिए संवाद को प्राथमिकता देने की सलाह दी.

वांग यी ने पाकिस्तान को "विश्वसनीय मित्र" करार देते हुए हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया. वहीं, डार ने कठिन समय में चीन के समर्थन के लिए आभार जताया.

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