Shubman Gill India Test Captain: टीम इंडिया का प्रदर्शन दो बार से टेस्ट सीरीज में खराब रहा है. रिकॉर्ड देखा जाए, तो 2024 के अंत में न्यूजीलैंड से हार मिली और 25 में अफ्रीका से हार मिली. इसी परफॉर्मेंस को सुधारने के लिए शुभमन गिल ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को एक सुझाव दिया है.दरअसल, कप्तान गिल (India Test Captain Shubman Gill) का मानना है कि अगर भारत को टेस्ट क्रिकेट में अपना दबदबा कायम रखना है, तो तैयारी के पारंपरिक तरीकों में बदलाव करना होगा.
बीसीसीआई को शुभमन गिल ने सुझाव दिया कि हर टेस्ट मैच से पहले कम से कम 15 दिन पहले एक खास ट्रेनिंग कैंप का आयोजन किया जाना चाहिए. इसे हर मैच से पहले अनिवार्य करना चाहिए. गिल ने ये सुझाव बोर्ड को दिया है. दरअसल गिल के अनुसार खिलाड़ी टी20 या वनडे फॉर्मेट खेलकर सीधे टेस्ट मैच में उतर जाते हैं, जिससे उन्हें लाल गेंद के खेल और लंबे फॉर्मेट की मानसिकता में ढलने का समय नहीं मिलता.
छोटी-मोटी खामियों को किया जाएगा दूर
इस सुझाव के पीछे का मकसद सीधा इतना है कि इन 15 दिनों में टीम सिचुएशन के अनुकूल अपने आप को ढाल लेंगे. इससे खिलाड़ियों को तकनीक में आ रही खामियों और कमजोरियों को दूर किया जाएगा. बीते कुछ समय में टीम इंडिया को विदेशी दौरों पर पहले ही टेस्ट में मुश्किलों का सामना करना पड़ा है. न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया जैसी तेज और चुनौतीपूर्ण पिचों पर शुरुआत में लड़खड़ाने से पूरी सीरीज पर असर पड़ता है. ऐसे में भारतीय टीम के एक सीनियर खिलाड़ी का मानना है कि अगर तैयारी के तरीके में थोड़ा बदलाव किया जाए, तो इस समस्या से काफी हद तक निजात पाई जा सकती है.
सीरीज से पहले 15 दिन की तैयारी हो सकती है निर्णायक
शुभमन गिल के मुताबिक, यदि किसी भी विदेशी टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम उस देश में कम से कम 15 दिन बिताए, तो हालात पूरी तरह बदल सकते हैं. वहां की पिच, मौसम और गेंदबाजों की परिस्थितियों में ढलने का समय मिलने से खिलाड़ियों की समझ बेहतर होगी और शुरुआती हार की आशंका कम हो जाएगी. गिल का कहना है कि सिर्फ अभ्यास मैच ही नहीं, बल्कि नेट्स में लगातार अभ्यास करना भी खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को नई ऊंचाई दे सकता है. उनका मानना है कि यही तैयारी आगे चलकर मैच का रुख पलटने में अहम भूमिका निभा सकती है.
व्यस्त कैलेंडर बनेगा सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि टीम इंडिया के बेहद व्यस्त अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल को देखते हुए हर दौरे से पहले 15 दिन का कैंप लगाना आसान नहीं होगा. इसी वजह से बीसीसीआई को वैकल्पिक रास्तों पर भी विचार करना पड़ सकता है. बोर्ड से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, जरूरत पड़ने पर बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मौजूद आधुनिक सुविधाओं और कोचिंग स्टाफ का सहारा लिया जा सकता है.
तैयारी में वीवीएस लक्ष्मण निभा सकते हैं अहम भूमिका
सूत्रों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया में वीवीएस लक्ष्मण की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है. उनकी देखरेख में खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों से मिलती-जुलती तैयारियां कराई जा सकती हैं, ताकि टीम दौरे पर जाने से पहले मानसिक और तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार रहे. बीसीसीआई मानता है कि इस तरह की योजना लंबे समय में विदेशी धरती पर भारत के प्रदर्शन को मजबूत बना सकती है.
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