Sharad Pawar On Ajit Pawar Plane Crash: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का चार्टर्ड विमान हादसे में निधन पूरे राज्य और राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर छोड़ गया. इस दुखद घटना के बाद नेताओं और आम जनता में गहरा शोक है.
खासकर उनके चाचा और एनसीपी प्रमुख शरद पवार की प्रतिक्रिया ने इस हादसे की गंभीरता को और बढ़ा दिया. शरद पवार ने इस दुखद हादसे को केवल एक दुर्घटना करार देते हुए राजनीति से दूर रहने की अपील की है.
Baramati, Pune: On Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar’s demise, NCP-SCP chief Sharad Pawar says, "This is a huge loss for Maharashtra. Maharashtra has lost a dynamic and decisive leader. Some people are saying there is some politics behind this, but it was an accident, and there is… pic.twitter.com/XRoKlxKOFn
— ANI (@ANI) January 28, 2026
शरद पवार की संवेदनशील अपील
शरद पवार ने अपने बयान में कहा कि अजित पवार का जाना महाराष्ट्र और एनसीपी के लिए अपूरणीय क्षति है. उन्होंने जोर देकर कहा कि यह पूरी घटना एक हादसा है, इसमें कोई साजिश या राजनीतिक षड्यंत्र शामिल नहीं है. उन्होंने कहा, “आज सभी चीजें हमारे हाथ में नहीं हैं. जो नुकसान हुआ है, वह कभी पूरा नहीं हो सकता. अजित का योगदान महाराष्ट्र और देश के लिए अमूल्य था. कृपया इस दुःखद घटना पर राजनीति न की जाए.”
शरद पवार ने आगे कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है कि हादसे के पीछे कोई राजनीतिक योजना हो सकती है. उन्होंने इसे स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए कहा कि “इसमें राजनीति नहीं है. यह केवल एक दुर्घटना है, और इसका असर हम सभी पर गहरा है.”
व्यक्तिगत और राजनीतिक नुकसान
शरद पवार ने इस मौके पर न केवल राजनीतिक बल्कि व्यक्तिगत दृष्टि से भी अपनी पीड़ा व्यक्त की. उन्होंने कहा कि उनके भतीजे का जाना परिवार और राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है. अजित पवार का जीवन महाराष्ट्र की राजनीति और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में समर्पित रहा. उनके जाने से राज्य की नीतियों और कार्यों पर असर पड़ेगा, लेकिन शरद पवार ने सबको संयम बनाए रखने और राजनीति से इस हादसे को जोड़ने से बचने का आग्रह किया.
हादसे की गंभीरता और समाज में संदेश
शरद पवार का यह बयान केवल राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि समाज और जनता के लिए संदेश भी है. उन्होंने कहा कि इस दुखद समय में अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचना चाहिए. समाज को याद रखना चाहिए कि किसी भी घटना को बिना पुष्टि के राजनीतिक रंग देना न केवल गलत है बल्कि पीड़ित परिवार के लिए और दर्दनाक हो सकता है. उनकी यह संवेदनशील अपील एक गंभीर उदाहरण है कि किस प्रकार नेता न केवल राजनीतिक बल्कि मानवीय दृष्टि से अपने शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं.
महाराष्ट्र में शोक की लहर
अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में भी खालीपन महसूस किया जा रहा है. उनके अनुभव और नेतृत्व की कमी राज्य की नीतियों पर असर डाल सकती है. इसके अलावा, आम जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए यह एक भावनात्मक क्षति भी है. शरद पवार की अपील ने इस समय एकजुटता और संवेदनशीलता बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी के सामने रख दी है.
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