Taliban Expose Shehbaz: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच बॉर्डर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. खूनखराबा और गोलाबारी के बीच दोनों देशों के बीच शांति वार्ताएं बार-बार विफल हो रही हैं. लेकिन सीमा विवाद के पीछे अब पाकिस्तान की अंदरूनी कलह भी उजागर होने लगी है.
अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने खैबर टीवी को दिए इंटरव्यू में पाकिस्तान की राजनीतिक और सैन्य सच्चाई सामने रखी. मुजाहिद ने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के बीच गहरी अनबन है. शहबाज चाहते हैं कि अफगानिस्तान के साथ रिश्ते सुधरें और सीमा पर सीजफायर कायम रहे, लेकिन सेना के शीर्ष अधिकारी मुनीर इसे टाल रहे हैं.
सैन्य दबदबे के चलते प्रधानमंत्री की कमजोर स्थिति
मुजाहिद ने बताया कि पाकिस्तान की सेना ही सीमा पर संघर्ष को बढ़ावा दे रही है. अफगानिस्तान के लिए पाकिस्तान के विशेष दूत सादिक खान के साथ हाल ही में हुई बैठक के दौरान शहबाज सरकार ने सकारात्मक कदम उठाने की कोशिश की, लेकिन उसी समय पाकिस्तानी सेना ने हमला कर दिया. यह घटना साफ कर देती है कि प्रधानमंत्री की स्थिति सेना के दबदबे के सामने कितनी कमजोर है.
शांति वार्ता की उम्मीदें और चुनौती
दोनों देशों की अगली शांतिवार्ता 6 नवंबर को होने जा रही है. इससे पहले 18 और 19 अक्टूबर को दोहा में वार्ता फेल हो गई थी, और 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में हुई बैठक भी बेनतीजा रही. मुजाहिद ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि राजनीति को देश और व्यापार से अलग रखना चाहिए, अन्यथा सीमा संघर्ष और गहरा सकता है.
सियासी और सैन्य असंतुलन की कीमत
इस खुलासे से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान के भीतर सियासी और सैन्य असंतुलन अब अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर भी असर डाल रहा है. शहबाज की नीति और सेना की कार्रवाई में अंतर के कारण कूटनीतिक वार्ता विफल हो रही है, और सीमा पर नागरिकों और सैनिकों की जान खतरे में है.
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