Putin Warning To US-Europe: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत की जमीन से यूरोपीय देशों को कड़ा संदेश दिया है. नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन में पहुंचे पुतिन ने कहा कि अगर यूरोप के देश यूक्रेन में अपने सैनिक भेजते हैं, तो रूस इसे अपने खिलाफ युद्ध की शुरुआत मानेगा. पुतिन के इस बयान से अमेरिका, ब्रिटेन और NATO देशों को भी साफ चेतावनी मिलती है. रूस के लिए यूक्रेन में पश्चिमी सैनिकों की मौजूदगी सिर्फ मदद या शांति मिशन नहीं होगी, बल्कि इसे सीधे युद्ध में शामिल होना माना जाएगा.
भारत से पुतिन का सख्त संदेश
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे थे. यहां BRICS सम्मेलन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. इसी बीच उन्होंने यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों की संभावित तैनाती को लेकर अपना रुख साफ किया. रूसी समाचार एजेंसियों के मुताबिक पुतिन ने कहा कि यूरोपीय नेता यूक्रेन में सैनिक भेजने पर विचार कर रहे हैं. अगर ऐसा हुआ तो रूस इसे अपने खिलाफ युद्ध मानेगा.
रूस पहले भी कई बार कह चुका है कि यूक्रेन में पश्चिमी देशों की सेना की तैनाती उसकी सबसे बड़ी ‘रेड लाइन’ होगी. यूरोप के कुछ देशों में भविष्य में शांति समझौता होने के बाद यूक्रेन में सैनिक भेजने को लेकर चर्चा हुई है, लेकिन अभी तक किसी यूरोपीय देश ने वहां अपनी सेना तैनात नहीं की है.
यूरोप के लिए रूस खतरा नहीं
पुतिन ने यह भी कहा कि रूस यूरोपीय देशों के लिए कोई खतरा नहीं है और मॉस्को की यूरोप के साथ संघर्ष शुरू करने की कोई योजना नहीं है. उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर रूस के नाम पर अपने लोगों में डर पैदा करने का आरोप लगाया.
पुतिन के मुताबिक यूरोप पर रूस की ओर से हमले का कोई खतरा न अभी है और न ही पहले कभी था. उनका संदेश साफ था कि रूस यूरोप से युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अगर यूरोपीय सैनिक यूक्रेन की जमीन पर उतरे तो मॉस्को इसे रूस के खिलाफ युद्ध की कार्रवाई मानेगा.
पीएम मोदी-पुतिन की मुलाकात भी अहम
पुतिन की यह चेतावनी ऐसे समय सामने आई है, जब भारत में हो रहे BRICS सम्मेलन पर पूरी दुनिया की नजर है. इस सम्मेलन में रूस और अमेरिका समेत कई बड़े देशों के रिश्तों को लेकर भी चर्चा हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात में दोनों देशों के पुराने संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी.
BRICS के कारोबारी नेताओं से बातचीत के दौरान पुतिन ने पश्चिमी नियमों से अलग वैश्विक विकास के लिए BRICS के भीतर नए मंच और सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई. उन्होंने कहा कि रूस बुनियादी ढांचे और परिवहन से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट में साझेदार देशों के साथ काम करने के लिए तैयार है. इनमें आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं.