सऊदी अरब सरकार ने हज और उमराह यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए नए ‘नुस्क कार्ड’ (Nusuk Card) नियम लागू किए हैं. हज मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ये नियम सऊदी नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय तीर्थयात्रियों, दोनों पर लागू होंगे. सरकार का उद्देश्य हज और उमराह को आधुनिक, सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संचालित करना है, ताकि बढ़ती संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिल सके.
भारत से हर वर्ष लाखों लोग हज यात्रा के लिए सऊदी अरब जाते हैं, इसलिए इन नए नियमों का प्रभाव भारतीय मुस्लिम यात्रियों पर भी सीधे पड़ेगा.
क्या है नया नुस्क कार्ड?
हज और उमराह मंत्रालय के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विभाग के अंडरसेक्रेटरी इंजीनियर अब्दुल अज़ीज़ अल-मुताहमी के अनुसार, यह कार्ड “नुस्क अल-उमराह” नामक डिजिटल पहल का हिस्सा है. इसका उद्देश्य तीर्थयात्रा से जुड़ी कई सेवाओं को एक ही कार्ड के माध्यम से उपलब्ध कराना है ताकि हज और उमराह का अनुभव सरल, सुरक्षित और तकनीक-आधारित हो सके.
दो तरह के कार्ड-
डिजिटल कार्ड – सऊदी नागरिकों के लिए
सऊदी अरब निवासी इसे अपने मोबाइल फोन पर QR कोड या ऐप आधारित डिजिटल रूप में उपयोग करेंगे.
प्रिंटेड कार्ड – अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए
विदेश से आने वाले हाजियों को हवाई अड्डे पर या निर्धारित केंद्रों पर यह कार्ड भौतिक रूप में दिया जाएगा.
इसी दोहरी व्यवस्था से सुनिश्चित किया गया है कि हर तीर्थयात्री तकनीकी सुविधा हो या न हो- कार्ड का उपयोग आसानी से कर सके.
नुस्क कार्ड से मिलने वाली प्रमुख सेवाएँ
नुस्क कार्ड को खासतौर पर यात्रा प्रबंधन और तीर्थ क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए विकसित किया गया है. इसमें कई ऐसी सुविधाएँ शामिल हैं, जो हज यात्रा को पहले से अधिक व्यवस्थित बनाती हैं.
1. परिवहन प्रबंधन
कार्ड के माध्यम से शटल बसों, विशेष सेवाओं वाली बसों, और इंटर-ज़ोन मूवमेंट की बुकिंग और पहचान संभव होगी.
यात्रियों को भीड़भाड़ वाले स्थानों पर बसें खोजने में परेशानी नहीं होगी, क्योंकि कार्ड स्कैन करने से उनकी यात्रा योजना सिस्टम में स्वतः अपडेट हो जाती है.
2. भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा
तीर्थ क्षेत्रों में प्रवेश और निकास को नियंत्रित करने में यह कार्ड मददगार होगा. अधिकारियों के लिए भी यह आसान होगा कि वे किसी भी ज़ोन में कितने लोग मौजूद हैं, इसका वास्तविक समय में आंकलन कर सकें.
3. आवास और सेवाओं का समन्वय
तीर्थयात्रियों को अपने निर्धारित होटल, कैंप या गेस्ट हाउस तक पहुँचने में सुविधा होगी.
कार्ड में यात्री की आवास से संबंधित जानकारी एन्कोडेड होती है, जिससे गलत ज़ोन में जाने की संभावना कम हो जाती है.
4. लॉजिस्टिक समर्थन
विशेष वाहनों में ईंधन भरने और परिवहन सेवाओं के संचालन को भी यह कार्ड सरल करता है. सेवा प्रदाताओं को पता रहता है कि किस समय किस वाहन या सेवा की आवश्यकता है.
भारतीय हाजियों के लिए क्या बदलेगा?
भारत हज यात्रियों की संख्या के लिहाज से दुनिया के सबसे बड़े देशों में से एक है. हर साल लाखों भारतीय सऊदी अरब में हज और उमराह करते हैं. नुस्क कार्ड के नए नियम भारतीय यात्रियों के अनुभव को कई तरीकों से प्रभावित करेंगे.
1. यात्रा होगी अधिक व्यवस्थित
भारतीय तीर्थयात्रियों को बसें, आवास और ज़ोन मूवमेंट को लेकर कम भ्रम रहेगा. कार्ड अधिकारियों को किसी भी यात्री का समूह, गंतव्य और यात्रा स्थिति पता करने में मदद करेगा, जिससे भीड़ नियंत्रण बेहतर होगा.
2. भाषा और दिशाओं की समस्या होगी कम
कार्ड में एन्कोडेड यात्रा पथ और आवास जानकारी से उन यात्रियों को भी मदद मिलेगी, जिन्हें अरबी नहीं आती या जो पहली बार हज करने जा रहे हैं.
3. स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन बेहतर
किसी आपातकाल की स्थिति में अधिकारियों को कार्ड से यात्री की पहचान और लोकेशन तुरंत पता चल जाएगी. भारतीय हाजियों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह सुविधा बेहद महत्वपूर्ण है.
4. डिजिटल क्षमता की चुनौती हल
कई भारतीय यात्रियों के पास स्मार्टफोन न होने, या ऐप इस्तेमाल न कर पाने की स्थिति को देखते हुए प्रिंटेड कार्ड की व्यवस्था उन्हें राहत देती है.
सऊदी अरब हज और उमराह को अपने राष्ट्रीय विज़न 2030 के महत्वपूर्ण स्तंभों में शामिल करता है. हर साल करोड़ों लोग यहां तीर्थ यात्रा करते हैं.
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